चेन्नई, 09 जुलाई (वार्ता) किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों से खोपरा (सूखा नारियल) और तोतापुरी आमों की खरीद को मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस खरीद को मंजूरी दी है, जिससे उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें औने-पौने दाम पर फसल बेचने से बचाया जा सकेगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री ने तमिलनाडु के लिए 87,226 मीट्रिक टन खोपरा और 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आमों की खरीद को मंजूरी दी है।
तमिलनाडु सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर केंद्र ने वर्ष 2026 के दौरान खोपरा की खरीद को मंजूरी दी है। श्री चौहान द्वारा दी गयी मंजूरी के तहत राज्य में कुल 87,226 मीट्रिक टन खोपरा खरीदा जाएगा, जिसमें 87,000 मीट्रिक टन मिलिंग खोपरा और 226 मीट्रिक टन बॉल खोपरा शामिल है।
यह पूरी खरीद मूल्य समर्थन योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। स्वीकृत खरीद का कुल न्यूनतम समर्थन मूल्य मूल्य 1,049.16 करोड़ रुपये से अधिक है। इस निर्णय से तमिलनाडु में खोपरा उत्पादकों को लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है और बाजार में कीमतें गिरने के कारण उन्हें अपनी फसल कम दाम पर बेचने से सुरक्षा मिलेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निश्चित खरीद से किसानों को अधिक आय सुरक्षा मिलेगी और यह विश्वास जगेगा कि सरकार उनकी उपज को घोषित मूल्य पर खरीदने के लिए तैयार है।
एक अन्य महत्वपूर्ण राहत उपाय के तहत, केंद्रीय मंत्री ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत वर्ष 2026 के दौरान तमिलनाडु में 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आमों की खरीद को भी मंजूरी दी है। यह खरीद बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत की जाएगी, जिसके लिए बाजार हस्तक्षेप मूल्य 1,545.41 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
इस हस्तक्षेप का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तोतापुरी आम उत्पादकों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिले और बाजार कीमतों में अचानक गिरावट के कारण उन्हें नुकसान में बेचने से बचाया जा सके। इस उपाय से कीमतों में स्थिरता आने, किसानों की आय सुरक्षित होने और उनकी उपज पर बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारत, मधुकांत
वार्ता