जयपुर, 06 जुलाई (वार्ता) राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्ल्यूटीसी) 2025 का शुभारंभ हुआ।
फेडरेशन ऑफ राजस्थान इवेंट मैनेजर्स (फोरम) द्वारा यहां आयोजित इस दो दिवसीय आयोजन में भारत और विदेशों से 500 से अधिक वेडिंग प्लानर, इवेंट एक्सपर्ट और हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स शामिल हुए। सम्मेलन का उद्घाटन होटल क्लार्क ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अपूर्व कुमार, फोरम के प्रेसिडेंट मोहित माहेश्वरी, इवेंट गुरु अरशद हुसैन और जाने-माने इवेंट एक्सपर्ट ऋतुराज खन्ना द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री हुसैन ने राजस्थान की अर्थव्यवस्था में वेडिंग टूरिज्म की बड़ी भूमिका बताते हुए कहा कि राजस्थान की जीडीपी में टूरिज्म, विशेषकर वेडिंग टूरिज्म का लगभग 12 प्रतिशत योगदान है। ऐसे में इस क्षेत्र को टिकाऊ और अभिनव बनाना समय की मांग है। नई पीढ़ी अब पर्यावरण के अनुकूल शादियों को प्राथमिकता दे रही है और यही ट्रेंड आने वाले वर्षों में इंडस्ट्री की दिशा तय करेगा।
इस वर्ष आईडब्ल्यूटीसी का मुख्य जोर सस्टेनेबल और ईको-फ्रेंडली इवेंट्स पर है। विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रीन वेडिंग, प्लास्टिक-फ्री डेकोर, रीयूजेबल मटीरियल्स, स्थानीय कारीगरों का सहयोग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे उपाय अब शादियों में आम होते जा रहे हैं। सम्मेलन ने यह भी दिखाया कि कैसे पर्यावरण के अनुकूल सोच न केवल ज़रूरी है बल्कि इससे वेडिंग इंडस्ट्री को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिल सकती है।
इसमें “छोटे शहरों और दूर-दराज़ स्थलों में शादियाँ” पर भी विशेष चर्चा की गई और जिसमें कहा गया कि हाल के वर्षों में कपल्स अब महानगरों से हटकर शांत, सांस्कृतिक और किफायती स्थानों को चुन रहे हैं जहाँ उन्हें एक निजी, सजीव और पारंपरिक अनुभव मिलता है। सोशल मीडिया और डेस्टिनेशन वेडिंग की बढ़ती लोकप्रियता ने इस ट्रेंड को और भी मजबूत किया है। छोटे शहरों में होने वाली शादियां अब सादगी और सांस्कृतिक सुंदरता की मिसाल बन रही हैं।
सम्मेलन का विशेष आकर्षण मिस राजस्थान की 40 मॉडल्स द्वारा फैशन शो रहा जिसमें ब्राइडल, कॉकटेल और हल्दी-मेहंदी थीम्स पर आधारित राउंडस में मॉडल्स ने रैंप पर अपना जलवा बिखेरा।
जोरा
वार्ता