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फोर्टिस अस्पताल ने स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए आयोजित की स्वास्थ्य चर्चा

जयपुर, 12 जनवरी (वार्ता) राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने और लाइफस्टाइल और बीमारियों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल ने सोमवार को स्वास्थ्य चर्चा का आयोजन किया।
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन राजस्थान के सहयोग से अस्पताल परिसर में इस चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें अस्पताल के जाने-माने विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हुए, जिन्होंने दिल की सेहत, फेफड़ों की बीमारियों और सिर और गर्दन के कैंसर से जुड़ी आम, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा की। इस कार्यक्रम का मकसद कम्युनिटी के सदस्यों को जल्दी जांच, समय पर इलाज और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस दौरान एक्सपर्ट पैनल में अस्पताल के कार्डियोलॉजी और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी निदेशक डा राहुल सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट (पल्मोनोलॉजी) डा अंकित बंसल और कंसल्टेंट ( ऑन्कोसर्जरी, हेड एंड नेक) डा जितेंद्र शर्मा शामिल थे।
इस पहल के बारे में बात करते हुए डा सिंघल कहा कि आजकल की लाइफस्टाइल, तनाव और खराब खान-पान की आदतों के कारण दिल की बीमारियां कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रही हैं। स्वास्थ्य चर्चा जैसे मंचों के माध्यम से, हमारा मकसद कम्युनिटी को शुरुआती चेतावनी के संकेतों, हार्ट की बीमारियों के जोखिम कारकों और जानलेवा जटिलताओं को रोकने के लिए समय पर कार्डियक जांच के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
सांस की बीमारियों के बढ़ते बोझ का जिक्र करते हुए डा बंसल कि अस्थमा, सीओपीडी और प्रदूषण से संबंधित फेफड़ों की बीमारियां बढ़ रही हैं। जागरूकता, जल्दी जांच और इलाज का पालन जीवन की गुणवत्ता में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मंच लोगों से सीधे बातचीत करने और फेफड़ों के स्वास्थ्य से जुड़े आम मिथकों को स्पष्ट करने में मददगार साबित होगा। कैंसर की देखभाल में जल्दी पता लगाने पर जोर देते हुए डा शर्मा कहा कि जागरूकता की कमी के कारण सिर और गर्दन के कैंसर का अक्सर एडवांस स्टेज तक पता नहीं चल पाता है। तंबाकू का सेवन, शराब का सेवन और खराब ओरल हाइजीन प्रमुख जोखिम कारक बने हुए हैं। इस तरह के कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम लोगों को शुरुआती लक्षणों को पहचानने और समय पर डॉक्टरी सलाह लेने में मदद करते हैं, जिससे परिणाम में काफी सुधार होता है।
जोरा अशोक
वार्ता
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जोरा जितेन्द्र
वार्ता.

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