Tuesday, Aug 18 2026 | Time 04:38 Hrs(IST)
दुनिया


जापान ने जारी किया रक्षा श्वेत पत्र, चीन के सैन्य विस्तार, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और रूस से उसके बढ़ते सहयोग पर जताई चिंता

टोक्यो/नयी दिल्ली, 05 अगस्त (वार्ता) जापान ने वर्ष 2026 का रक्षा श्वेत पत्र जारी करते हुए अपनी सैन्य क्षमताओं में व्यापक विस्तार की रूपरेखा पेश की है और कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार उसके सामने सुरक्षा का सबसे गंभीर और जटिल वातावरण है।
जापान के रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में चीन के सैन्य विस्तार, उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम तथा रूस और चीन के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उनकी गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी है। इसमें प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने, अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास और लंबे समय तक चलने वाले युद्धों के लिए तैयारी पर जोर दिया गया है।
रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने कहा कि आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए जापान को अपनी रक्षा क्षमताओं को तेजी से मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा, "द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद जापान के सामने आज जितना गंभीर और जटिल सुरक्षा वातावरण है, उतना पहले कभी नहीं रहा।"
श्वेत पत्र में कहा गया है कि जापान की 'तीन रणनीतिक दस्तावेजों', जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति भी शामिल है, को अपनाने के बाद कानून आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के सामने चुनौतियां और बढ़ गयी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन और उत्तर कोरिया लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं, जबकि चीन-रूस और रूस-उत्तर कोरिया के बीच सैन्य सहयोग भी मजबूत हो रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन युद्ध से मिले अनुभवों ने दुनिया भर में युद्ध के नए तौर-तरीकों, विशेषकर बड़ी संख्या में मानव रहित प्रणालियों (ड्रोन) के उपयोग और लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने की तैयारियों को तेज कर दिया है। श्वेत पत्र में चीन की सैन्य गतिविधियों और विदेश नीति को जापान के लिए "अभूतपूर्व और सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती" बताया गया है। इसमें कहा गया है कि चीन लगातार और तेजी से अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "चीन की विदेश नीति, सैन्य गतिविधियां और अन्य कदम जापान तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और यह जापान के सामने सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती है, जिसका समग्र राष्ट्रीय शक्ति के साथ सामना करना होगा।"
जापान ने आरोप लगाया कि चीन पिछले तीन दशकों से बिना पर्याप्त पारदर्शिता के रक्षा बजट बढ़ा रहा है तथा परमाणु, मिसाइल, नौसैनिक और वायु सैन्य क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है। रिपोर्ट में पूर्वी चीन सागर, विवादित सेनकाकू द्वीपों के आसपास, जापान सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है।
जापान ने हाल के उन घटनाक्रमों का भी जिक्र किया, जिनमें चीनी सैन्य विमानों और जापानी आत्मरक्षा बल (जेएसडीएफ) के विमानों के बीच अत्यधिक निकट उड़ान तथा रडार लॉक जैसी घटनाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी विमानों की ऐसी गतिविधियां आकस्मिक टक्कर का कारण बन सकती थीं और रडार लॉक करना सुरक्षित उड़ान की आवश्यकता से कहीं अधिक खतरनाक कदम था।
ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी जापान ने चिंता जताते हुए कहा कि चीन ने आसपास के समुद्री और हवाई क्षेत्रों में सैन्य अभ्यास बढ़ा दिये हैं तथा अपनी युद्ध क्षमता को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
श्वेत पत्र में उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों को जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पहले से अधिक गंभीर और निकट भविष्य का खतरा बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया छह परमाणु परीक्षण कर चुका है और उसके पास ऐसे बैलिस्टिक मिसाइलों पर परमाणु हथियार तैनात करने की क्षमता होने की आशंका है, जो जापान तक पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्योंगयांग ने अनियमित प्रक्षेपवक्र वाली मिसाइलों, हाइपरसोनिक मिसाइलों और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के विकास में तेजी लाई है।
जापान ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग भविष्य में प्योंगयांग की सैन्य क्षमता को और मजबूत कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रूस की सैन्य गतिविधियां और चीन के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी भी जापान के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय हैं। जापान ने कहा कि वह अपने रक्षा व्यय को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो प्रतिशत तक पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 के बजट में ओकिनावा से संबंधित विशेष कार्रवाई समिति (सैको) और जापान में अमेरिकी सेना के पुनर्गठन पर होने वाले व्यय सहित रक्षा खर्च पहली बार नौ ट्रिलियन येन से अधिक हो गया है।
सरकार इस वर्ष निर्धारित समय से पहले अपनी तीन प्रमुख सुरक्षा रणनीति संबंधी दस्तावेजों में संशोधन करने की भी तैयारी कर रही है। श्वेत पत्र में कहा गया है कि जापान को पहले से कहीं अधिक तात्कालिकता और संकट की भावना के साथ अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत और परिवर्तित करना होगा।
रिपोर्ट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर युद्ध, अंतरिक्ष, विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र और क्वांटम प्रौद्योगिकी को भविष्य के युद्धों का प्रमुख आधार बताया गया है। इसमें कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध ने दिखाया है कि कम लागत वाले बड़ी संख्या में ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर अभियान और सूचना युद्ध आधुनिक युद्धक्षेत्र की तस्वीर बदल रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य के संघर्षों में निर्णय प्रक्रिया में एआई और नेटवर्क आधारित प्रणालियों की भूमिका बढ़ेगी, जबकि साइबर हमले, डीपफेक और एआई से तैयार सामग्री नई सुरक्षा चुनौतियां बनकर उभर रही हैं। श्वेत पत्र में रक्षा उत्पादन और प्रौद्योगिकी विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा गया है कि घरेलू रक्षा उद्योग और तकनीकी आधार को मजबूत करना अनिवार्य है।
रक्षा मंत्रालय ने उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास और घरेलू रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए निजी कंपनियों, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की घोषणा की है। रिपोर्ट में जापान-अमेरिका सुरक्षा गठबंधन को जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का प्रमुख आधार बताया गया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि जापान अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस, आसियान देशों और नाटो साझेदारों के साथ सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा, ताकि "मुक्त एवं खुला हिंद-प्रशांत" सुनिश्चित किया जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्रीय स्थिरता केवल जापान के प्रयासों से संभव नहीं है और इसके लिए समान विचारधारा वाले देशों के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है।
जापान की यह रक्षा नीति द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उसकी सबसे बड़ी सैन्य विस्तार योजना मानी जा रही है, जिसके माध्यम से वह बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और आर्थिक दबावों के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।
शादाब, मधुकांत
वार्ता
More News

बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी नहीं : आईसीटी

17 Aug 2026 | 7:28 PM

ढाका, 17 अगस्त (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के मुख्य अभियोजक मोहम्मद अमीनुल इस्लाम ने आज कहा कि 2024 में सत्ता से हटाये जाने के बाद से भारत में रह रहीं बेदखल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदा स्थिति के बारे में बंगलादेश के पास कोई विशिष्ट जानकारी नहीं है।.

see more..

ट्रंप-किम के रिश्तों से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद: दक्षिण कोरिया

17 Aug 2026 | 7:05 PM

सियोल, 17 अगस्त (वार्ता) दक्षिण कोरिया ने सोमवार को उम्मीद जतायी कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन के बीच "मैत्रीपूर्ण संबंध" अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सार्थक बातचीत का रास्ता खोलने तथा कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।.

see more..
अमेरिका-ईरान के बीच 60-दिन का समझौता बेनतीजा, परमाणु मुद्दे, होर्मुज पर तनाव बरकरार

अमेरिका-ईरान के बीच 60-दिन का समझौता बेनतीजा, परमाणु मुद्दे, होर्मुज पर तनाव बरकरार

17 Aug 2026 | 6:15 PM

वाशिंगटन/तेहरान, 17 अगस्त (वार्ता) अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए 60-दिन के समझौते की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गयी, लेकिन दोनों देश युद्ध समाप्त करने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमति नहीं बना सके। इससे आगे की बातचीत और क्षेत्र में शांति की संभावनाएं अनिश्चित हो गयी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच फ्रांस के वर्साय में हुए समझौते का उद्देश्य अस्थायी संघर्ष विराम को स्थायी समझौते में बदलना था।

see more..

गाजा शांति योजना पर कुशनर की हमास से विशेष बातचीत, सोमवार को नेतन्याहू से होगी मुलाकात

17 Aug 2026 | 5:51 PM

काहिरा, 17 अगस्त (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत और उनके दामाद जैरेड कुशनर ने गाजा शांति योजना को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत मिस्र में हमास के प्रतिनिधियों के साथ विशेष तौर पर बातचीत की। इस बीच, इजरायल ने गाजा में हवाई हमले जारी रखे हैं और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी पहल के प्रमुख प्रावधानों को खारिज कर दिया है। .

see more..
ट्रंप ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों में 'बड़ी कटौती' का किया एलान

ट्रंप ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों में 'बड़ी कटौती' का किया एलान

17 Aug 2026 | 1:25 PM

वाशिंगटन, 17 अगस्त (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में "बड़ी कटौती" करने की घोषणा की है। उन्होंने इसके लिए उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने "बहुत अच्छे संबंध" और दक्षिण कोरिया के अमेरिका के ईरान को "परमाणु निरस्त्रीकरण" करने के प्रयासों में शामिल होने से इनकार को वजह बताया।.

see more..