नयी दिल्ली, 08 अप्रैल (वार्ता) सरकार ने विमान सेवा कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संचालित बड़े हवाई अड्डों से इतर सभी एयरपोर्ट पर लैंडिंग एवं पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है।
नागरिक उड्ड्यन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है "पश्चिम एशिया में जारी संकट के मद्देनजर" यह फैसला किया गया है ताकि विमान सेवा कंपनियों की बढ़ती लागत के कारण टिकट की कीमतों में तेज वृद्धि को नियंत्रित किया जा सके।
इसमें कहा गया है कि एएआई बड़े हवाई अड्डों के इतर अपने सभी हवाई अड्डों पर लैंडिंग एवं पार्किंग शुल्क में तीन महीने के लिए स्वीकृत दर से 25 प्रतिशत की कटौती करेगा। सभी घरेलू उड़ानों के लिए मंगलवार को जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश में कहा गया है कि तीन महीने की अवधि समाप्त होने से पहले इस आदेश की समीक्षा की जायेगी। इस आदेश का सबसे अधिक लाभ छोटे और मझौले शहरों के हवाई अड्डों से उड़ानों का संचालन करने वाले ऑपरेटरों को होगा।
नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा एयर ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह विमानन क्षेत्र के लिए समय पर उठाया गया कदम है। लैंडिंग एवं पार्किंग शुल्क में कमी से एयरलाइंस के लिए संचालन की परिस्थितियों में ज्यादा स्थिरता आयेगी, लागत प्रबंधन आसान होगा और विश्वास बढ़ेगा।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट से उपजी आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन की कीमत में तेजी से इजाफा हुआ है। हालांकि भारत में सरकार के हस्तक्षेप के कारण घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमत ज्यादा नहीं बढ़ी है, लेकिन फिर भी एयरलाइंस के बैलेंसशीट पर दबाव बढ़ा है। विमान सेवा कंपनियों के कुल व्यय में तकरीबर 35-40 प्रतिशत इसी मद में खर्च होता है।
अजीत जितेन्द्र
वार्ता