नयी दिल्ली, 18 अगस्त (वार्ता) भारत की अध्यक्षता में हुई 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत विकास के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करते हुए ज्ञान,अनुभव,अग्रणी तौर-तरीकों और नवाचारों को साझा करने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार मंगलवार को यहां हुई ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने, एकीकृत वन्य अग्नि प्रबंधन, एकीकृत भू-दृश्य आधारित हरितकरण तथा विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व और चक्रीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इस अवसर पर ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह द्वारा तैयार इन चार क्षेत्रों से संबंधित ज्ञान संकलनों का भी अनावरण किया गया।
सतत जीवनशैली से जुड़े संकलन में पर्यावरण शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन, सामुदायिक भागीदारी, सतत उपभोग और उत्पादन, पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और हरित विकास से जुड़ी सदस्य देशों की सफल पहलों को शामिल किया गया है। भारत की ओर से मिशन लाइफ, पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम और संभव अभियान को प्रमुखता दी गयी है।
वन्य अग्नि प्रबंधन से संबंधित संकलन में सामुदायिक नेतृत्व वाली रोकथाम, स्वदेशी ज्ञान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, प्रौद्योगिकी, तैयारी और समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया है। वहीं, भू-दृश्य आधारित हरितकरण के संकलन में भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण, जैव विविधता हानि और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के उपायों को रेखांकित किया गया है।
चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े संकलन में अपशिष्ट प्रबंधन, डिजिटल अपशिष्ट विनिमय मंच, पुनर्चक्रण प्रमाणन और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व जैसे उपायों को शामिल किया गया है। इसमें भारत के बाजार आधारित विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व ढांचे और डिजिटल मंचों के विस्तार को भी रेखांकित किया गया है।
बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग, संयुक्त अनुसंधान तथा पर्यावरणीय निगरानी और मूल्यांकन के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
अभिनव अशोक
वार्ता