चंडीगढ़, 06 मई (वार्ता) पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ का वर्तमान वैश्विक दौरा 'ऑरा-2026' खालिस्तानी चरमपंथियों के निशाने पर है।घोषित आतंकवादी और 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कलाकार को सीधी धमकी जारी की है।
एक वीडियो संदेश में पन्नू ने दोसांझ को चेतावनी दी कि कनाडा में विरोध का सामना करने के बाद, अब उन्हें अमेरिका में अपने आगामी प्रदर्शनों के दौरान और भी तीव्र विरोध का सामना करना पड़ेगा।
यह टकराव दोसांझ के वैंकूवर और कैलगरी के लाइव कंसर्ट के बाद बढ़ा, जहां उन्होंने उन खालिस्तान समर्थकों का सामना किया था, जिन्होंने झंडे और भारत विरोधी नारों के साथ उनके शो में बाधा डालने की कोशिश की थी। आतंकवादी पन्नू ने अपने संदेश में दोसांझ के देशभक्तिपूर्ण नारे 'मेरा भारत महान' और अभिनेता अमिताभ बच्चन के प्रति उनके पहले व्यक्त किये गये सम्मान पर आपत्ति जतायी। गायक दोसांझ को 'भारतीय दोसांझ' कहकर संबोधित करते हुए, एसएफजे प्रमुख ने दावा किया कि कलाकार की जमीर उसी दिन मर गया था, जिस दिन उन्होंने बच्चन का सम्मान किया था, जिन्हें यह चरमपंथी समूह 1984 के दंगों से जोड़ता है।
गत 30 अप्रैल को अपने कैलगरी शो के दौरान दोसांझ ने पोस्टर दिखाने वाले प्रदर्शनकारियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने मंच से कहा था कि वह अपने कंसर्ट का माहौल खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेंगे, क्योंकि इसमें परिवार और बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हंगामा करने वाले किसी भी व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया जायेगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पन्नू ने भयावह चेतावनी जारी की और कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अब तक केवल 'झंडे' दिखाये हैं लेकिन जल्द ही वे 'लाठियां' लेकर आयेंगे। उसने आगे दावा किया कि दोसांझ का 'अहंकार' अंततः पश्चिमी देशों में बसे भारतीयों के बीच उनके पतन का कारण बनेगा।
अपने रुख के समर्थन में दोसांझ ने कहा कि उन्होंने पंजाब और इसके मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग किया है। उन्होंने अपने आलोचकों को याद दिलाया कि उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया दौरा जैसे पेशेवर प्रतिबद्धताओं को रद्द करने की कीमत पर भी पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए महीनों जमीन पर बिताये। गायक ने कहा कि वह पंजाब के कल्याण के लिए बोलते हैं लेकिन साथ ही उन्हें अपनी राष्ट्रीय पहचान पर गर्व है और वह उन लोगों से नहीं डरेंगे, जो उनके कार्यक्रमों में खलल डालना चाहते हैं।
इस विवाद की शुरुआत 23 अप्रैल को वैंकूवर में हुई थी, जब सुरक्षाकर्मियों को प्रदर्शनकारियों के एक समूह को बाहर निकालना पड़ा था, जो भारत विरोधी नारे लगा रहे थे और सुरक्षा गार्डों के साथ भिड़ गये थे। तब से खालिस्तान समर्थक तत्वों ने दोसांझ को भारत सरकार और आरएसएस-भाजपा गठबंधन का समर्थक करार दिया है, और वे इस नैरेटिव का उपयोग अपने वर्ल्ड टूर को बाधित करने के प्रयासों को सही ठहराने के लिए कर रहे हैं।
खबरों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं, क्योंकि गायक अमेरिका में अपने आगामी दौरे की तैयारी कर रहे हैं।
आलम उप्रेती
वार्ता