Sunday, Feb 17 2019 | Time 15:57 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • शिअद हरियाणा में लोकसभा, विधानसभा चुनाव लड़ेगा : बादल
  • आदित्य ने चौथी बार जीता पीएसए चैलेंजर स्क्वैश टूर्नामेंट
  • आर्कोट के राजकुमार ने की पुलवामा हमले की निंदा
  • झांसी:नहर में गिरे तीन युवक , एक लापता
  • सेल जाएंट्स ने जीता डायमंड जुबली क्रिकेट कप
  • खाद्य तेलों,दालों में घटबढ़;गेहूं,चावल, गुड़,चीनी में टिकाव
  • पुलवामा में शहीद नसीर के परिजनों को मिलेगा 20 लाख
  • पुलवामा की फर्जी तस्वीरों पर सीआरपीएफ ने किया आगाह
  • हरियाणा की राष्ट्रपति भवन को मुर्रा भैंस और साहीवाल गाय देने की पेशकश
  • कृषि के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करे हरियाणा:कोविंद
  • ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ पहली वाणिज्यिक यात्रा पर वाराणसी के लिए रवाना
  • सीसीआई ने इमरान की तस्वीर ढकी
  • दो पटरियों पर चल रही राजग सरकार की विकास यात्रा : मोदी
  • हरियाणा की राष्ट्रपति भवन को मुर्रा भैंस और साहीवाल गाय देने की पेशकश
  • हरियाणा की राष्ट्रपति भवन को मुर्रा भैंस और साहीवाल गाय देने की पेशकश
लोकरुचि Share

नंदी पर सवार शिवलिंग के जलाभिषेक के लिये केदारेश्वर मंदिर में लगता है भक्तों का तांता

नंदी पर सवार शिवलिंग के जलाभिषेक के लिये केदारेश्वर मंदिर में लगता है भक्तों का तांता

झांसी 05 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश में झांसी जिले की मऊरानीपुर तहसील में एक ऐसा शिव मंदिर स्थित है जहां स्थापित दुर्लभ शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए श्रावण मास में भक्तों का बड़ा जमावडा लगता है।

मऊरानीपुर तहसील से लगभग आठ किलोमीटर दूर रौनी गांव में एक ऊंची पहाड़ी पर बना केदारेश्वर मंदिर सावन के महीने में शिव भक्तों से पट जाता है क्योंकि यह मंदिर देशभर के उन दुर्लभ मंदिरों में से है जहां भगवान शिव, लिंग के रूप में एक अलग ही पहचान लिये हुए हैं। इस मंदिर में शिवलिंग नंदी की पीठ पर स्थापित है और इस शिवलिंग की यही विशेषता इसे दुर्लभ बनाती है। श्रावण मास में दूर दूर से जल लाकर कांवडिये केदारेश्वर धाम पर जलाभिषेक करते हैं। पुरातत्व विभाग भी इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की दुर्लभता और मंदिर की प्राचीनता का व्याख्यान करता है।

क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा़ एस के दुबे ने बताया कि यह मंदिर दसवी शताब्दी का है। इसे चंदेलकाल में बनाया गया। इतना प्राचीन होने के बाद भी मंदिर काफी अच्छी स्थिति में है। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने वर्ष 2001 में इस मंदिर के इतिहास और विशेषता जानने के लिए शोध किया था। शोध में यह पता चला कि मंदिर का निर्माण दसवीं सदी में किया गया है। यह भूतल से लगभग 200 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है।

मंदिर के निर्माण में सैंड स्टोन का इस्तेमाल किया गया है। नायाब मूर्तिकला और नक्काशी इस मंदिर की विशेषता है। मंदिर का दरवाजा पत्थर का है और इस पर बेहद सुंदर नक्काशी की गयी है। मंदिर के गर्भगृह में स्थित नंदी की प्रतिमा की पीठ पर शिव लिंग बना है और गर्भगृह की छत पर कमल के फूलों की सुदंर नक्काशी है।

डा़ दुबे ने बताया कि नंदी की पीठ पर स्थापित शिवलिंग बुंदेलखंड में एक दाे जगहों पर ही मिले हैं। झांसी के अलावा बंगरा और कलिंजर ही में शिव इस रूप में मंदिर में विद्यमान हैं। बुंदेलखंड में और विशेषकर झांसी में बहुत कम ही मंदिर ऐसे बचे हैं जिन में इतनी शानदार नक्काशी की गयी हो। मंदिर न केवल दुर्लभ शिवलिंग बल्कि अपनी शानदार स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी दर्शनीय है।

पूरे इलाके में सबसे ऊंची पहाड़ी पर बने इस मंदिर की छटा देखते ही बनती है। इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी अप्रतिम है ,इस कारण झांसी और खजुराहो के बीच यह स्थान एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। इस स्थान में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि संभव है कि कभी यह मंदिर एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल रहा हो।

इस मंदिर से जुड़ी कई स्थानीय मान्यताएं भी हैं। लोगों का मानना है कि मंदिर मे कोई इंसान कभी पहली पूजा नहीं कर पाता । सुबह के समय जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं तब ऐसा प्रतीत होता है कि कोई अदृश्य शक्ति पहले ही पूजा करके जा चुकी है । कुछ बुजुर्गों का कहना है कि मंदिर में भगवान शिव की पूजा सबसे पहले आल्हा ऊदल करके चले जाते हैं। वह भोर के समय घोडे पर सवार होकर मंदिर में आते हैं। कई लोगों ने मंदिर के पास रात को घोड़ों की टापों की आवाज सुनायी देने का भी दावा किया है।

इन सभी दावों के बीच इतना तो निश्चित है कि प्राचीन कालीन इस मंदिर मे न केवल दुर्लभ शिवलिंग मौजूद है जो बड़ी संख्या में लोगों की आस्था से जुडा है बल्कि इस इलाके में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होने की भी पूरी संभावना है।

More News
राजधानी पटना में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राकबैंड करेंगे परफाॅर्म

राजधानी पटना में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राकबैंड करेंगे परफाॅर्म

12 Feb 2019 | 10:47 AM

पटना 12 फरवरी (वार्ता) राजधानी पटना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के रॉकबैंड पाटिलीपुत्रा ओपन एयर तले परफाॅर्म करने जा रहे हैं।

 Sharesee more..
आकर्षक तरीके से दे रही है टीकाकरण कराने संदेश

आकर्षक तरीके से दे रही है टीकाकरण कराने संदेश

12 Feb 2019 | 10:08 AM

बड़वानी, 12 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के बड़वानी से कुछ दूर बड़वानी खुर्द की ए एन एम चंद्रलता सोलंकी निराले अंदाज में टीकाकरण का संदेश देकर आकर्षण का केंद्र बिंदु बनी हुई है।

 Sharesee more..
औरंगाबाद में देव सूर्य महोत्सव का आयोजन कल से

औरंगाबाद में देव सूर्य महोत्सव का आयोजन कल से

11 Feb 2019 | 4:44 PM

औरंगाबाद 11 फरवरी (वार्ता) बिहार में औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक पौराणिक और धार्मिक स्थल देव को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर सुस्थापित करने तथा देसी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय देव सूर्य महोत्सव का आयोजन कल से शुरू होगा।

 Sharesee more..
तितलियों ने चंबल घाटी में बिखेरी इंद्रधनुषी छटा

तितलियों ने चंबल घाटी में बिखेरी इंद्रधनुषी छटा

05 Feb 2019 | 4:43 PM

इटावा, 05 फरवरी (वार्ता) शहरीकरण की अंधाधुंध रफ्तार के बीच लगभग गायब हो चुकी रंग बिरंगी तितलियों ने चंबल घाटी को सतरंगी बना रखा है।

 Sharesee more..
image