Friday, Aug 7 2020 | Time 14:54 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • सामाजिक अंतर को पाटने का सेतु बनें लोकसेवक:नायडू
  • दिल्ली में ई-वाहन नीति की घोषणा, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी छूट
  • श्रीलंका में महिन्द्रा राजपक्षे नीत एसएलपीपी की आम चुनाव में जबरदस्त जीत
  • देश में कोरोना रिकवरी दर 68 प्रतिशत के करीब
  • दरभंगा में किशोर की गला रेतकर हत्या
  • भारत आने वाले यात्री शनिवार से ‘एयर सुविधा’ पोर्टल पर कर सकेंगे स्वघोषणा
  • देश में कोरोना मृत्यु दर 2 05 प्रतिशत
  • युवक ने फेसबुक पर आत्महत्या को लाइव दिखाया
  • अब राज्यसभा में भी सिमटती जा रही सपा
  • देशभर में कोरोना के 6 39 लाख से अधिक नमूनों की जांच
  • देश भर में 1,383 कोरोना जांच प्रयोगशालाएं
  • जमुई में वृद्ध महिला की गला रेतकर हत्या
  • ‘मुंसिफ’ के मुख्य संपादक खान लतीफ मोहम्मद खान का शिकागो में निधन
  • करुणानिधि की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी
  • असम में पांच माह के अपहृत बच्चे की बदमाशों ने हत्या की
Parliament


पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर रखना संभव नहीं: सीतारमन

पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर रखना संभव नहीं: सीतारमन

नयी दिल्ली,02 दिसंबर(वार्ता) केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें फिलहाल एक दर पर रखना फिलहाल संभव नहीं है क्योंकि इनकी कीमतें वैश्विक स्तर से जुड़ी हैं।
श्रीमती सीतारमण ने साेमवार काे लाेकसभा में श्री रमेश विधूड़ी के इस सवाल पर कि जब रूस और अमेरिका में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें स्थिर रखी जा सकती है तो देश में यह क्यों संभव नहीं है, का जवाब देते हुए कहा कि विश्व में कहीं भी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें स्थिर नहीं है और यह वैश्विक स्तर पर मांग और आपूर्ति से संबद्ध है।
छोटे किसानों को डीजल पर छूट अथवा सब्सिडी दिए जाने के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो भी सुझाव आएंगे उन पर गौर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की कोई योजना नहीं है।
द्रमुक सांसद दयानिधि मारन ने पेट्रोलियम पदार्थाें का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में देश के विभिन्न राज्यों में एकरूपता की कमी है और इन पर एक समान कर लगाया जाना चाहिए।
बीजद सांसद पिनाकी मिश्रा ने पीएमसी बैंक में हुए वित्तीय घोटाले और इसमें जमाकर्ताओं के धन के मसले पर कहा कि हजारों खाताधारकों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई बैंक में फंसी हुई है और सरकार को इस दिशा में कोई कदम उठाना चाहिए। श्रीमती सीतारमन ने कहा कि सरकार बैंक के घटनाक्रम से पूरी तरह वाकिफ है और छोटे जमाकर्ताओं जिनकी संख्या लगभग 78 प्रतिशत है उन्हें रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश पूरी राशि निकासी की अनुमति दी गई है। इसके अलावा अगर किसी खाताधारक को कोई कोई गंभीर बीमारी है या परिवार में कोई बीमार है , अथवा परिवार में शादी है या शिक्षा के लिए वह एक लाख रूपए तक की राशि निकासी कर सकता है।
जितेन्द्र सचिन
वार्ता

image