Wednesday, Jan 23 2019 | Time 08:18 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • तुर्की में 4 6 तीव्रता का भूकंप
  • अफगानिस्तान में गोलीबारी में अमेरिकी सैनिक की मौत
  • अफगानिस्तान में गोलीबारी में अमेरिकी सैनिक की मौत
  • नागालैंड सरकार ने किया मुख्य सचिव का तबादला
  • रूसी विमान के अपहरण की कोशिश, एक यात्री गिरफ्तार
फीचर्स Share

बीते साल रक्तरंजित रहा कश्मीर, रिकार्ड तोड़ आतंकवादी ढेर

बीते साल रक्तरंजित रहा कश्मीर, रिकार्ड तोड़ आतंकवादी ढेर

नयी दिल्ली 02 जनवरी (वार्ता) लगभग तीन दशकों से आतंकवाद से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में बीते वर्ष सेना आतंकवादियों पर भारी पड़ी और उसने जहां 250 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया वहीं आतंकियों से लोहा लेते हुए 90 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए तथा 37 नागरिक मारे गये।

नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में भी 2018 के दौरान अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई और गत जुलाई में ही यह आंकड़ा 1400 को पार कर गया।

राज्य में लंबे अतंराल के बाद पूर्व नौकरशाह के बजाय किसी राजनीतिक नेता को राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गयी। साल के शुरू में गठबंधन सरकार के घटक दलों पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच बढी तनातनी के चलते जून में सरकार गिर गयी और राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया जो साल का अंत होते-होते राष्ट्रपति शासन में तब्दील हो गया। राज्यपाल शासन लगाते समय विधानसभा को लंबित रखा गया था लेकिन दिसम्बर के शुरू में राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में विधायकों की संभावित खरीद फरोख्त के कारण उठाया गया।

वार्षिक अमरनाथ यात्रा के शांतिपूर्ण ढंग से पूरा होने तथा राज्य में लगभग 13 वर्षों के बाद शहरी निकायों के और सात वर्ष के बाद पंचायत चुनाव का सफल आयोजन प्रशासन की उपलब्धि रही। केन्द्र ने नरम रूख अपनाते हुए जम्मू कश्मीर में रमजान के दौरान सुरक्षा बलों के अभियानों को स्थगित कर दिया।

सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद को लंबे समय से झेल रहे जम्मू-कश्मीर में सेना ने इस बार पुलिस और केन्द्रीय बलों के साथ मिलकर आतंकवादियों के खिलाफ सख्त रूख अपनाते हुए ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ शुरू किया। पत्थरबाजों के खिलाफ भी कड़ा रूख अपना गया। खुफिया एजेन्सियों और जांच एजेन्सियों ने आतंकवादियों के फंडिंग नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए ‘ एंटी टैरर फंडिंग’ अभियान चलाकर उन्हें मिलने वाले हवाला के धन पर अंकुश लगा दिया। इससे बौखलाए आतंकवादियों ने पूरी ताकत से बार-बार घाटी में तबाही फैलाने की कोशिश की।

सुरक्षा बलों के साल भर चले अभियानों में रिकार्डतोड़ 257 आतंकवादी मारे गये जिनमें कुख्यात आतंकवादी संगठनों लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के कई खूंखार आतंकवादी ढेर हुए। पिछले दस वर्षों में यह एक रिकार्ड है। आतंकवादियों के विरूद्ध विभिन्न अभियानों में 91 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए जिनमें से 40 से अधिक पुलिसकर्मी थे। संघर्ष विराम उल्लंघन तथा विभिन्न अभियानों और झड़पों में 37 नागरिक भी मारे गये। राष्ट्रीय जांच एजेन्सी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग के खिलाफ राजधानी दिल्ली और कश्मीर सहित 20 से भी अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें आतंकवादी सरगना सैयह अली शाह गिलानी का दामाद भी शामिल था।

सुरक्षा बल पूरे साल स्थानीय पत्थरबाजों से भी लोहा लेते रहे। पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केन्द्र सरकार ने सुलह का कदम उठाते हुए गत मई में रमजान के दौरान सुरक्षाबलों के अभियानों को स्थगित रखा लेकिन इसके परिणाम सकारात्मक नहीं मिलने पर इसे आगे नहीं बढाया गया। पत्थरबाजों में महिलाओं और लड़कियों के भी शामिल होने पर केन्द्र ने जम्मू कश्मीर पुलिस में दो महिला बटालियनों के गठन की भी मंजूरी दी।

हर साल की तरह पाकिस्तानी सेना ने इस बार भी सीमाओं पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और अंतरराष्ट्रीय सीमा तथा नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं की संख्या गत जुलाई में ही 1432 पहुंच गयी जो पिछले कई वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। इन घटनाओं में कई नागरिक भी मारे गये और बड़ी संख्या में लोगों को घर छोडकर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। सेना ने भी संघर्ष विराम उल्लंघन का करारा जवाब दिया और पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान पहुंचाया।

राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता के लिए बने भाजपा और पीडीपी के अस्वाभाविक गठबंधन में चौथे साल के आते-आते दरार पड़ गयी जिसकी परिणति पहले राज्यपाल शासन और फिर राष्ट्रपति शासन के रूप में हुई। राज्य में लगभग 13 वर्षों के बाद शहरी निकायों के और सात वर्ष के बाद पंचायत चुनाव सफलतापूर्वक कराये गये। इससे इन निकायों को विकास कार्यों के लिए 4335 करोड रूपये की राशि आवंटित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

वार्ता

More News
उत्तर प्रदेश में सुधरी बिजली की चाल, गर्मियों में होगी अग्नि परीक्षा

उत्तर प्रदेश में सुधरी बिजली की चाल, गर्मियों में होगी अग्नि परीक्षा

09 Jan 2019 | 1:45 PM

लखनऊ 04 जनवरी (वार्ता) दशकों तक बिजली की किल्लत का दंश झेलने वाले उत्तर प्रदेश ने बीते साल ऊर्जा क्षेत्र में स्वालंबन की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाये मगर बिजली विभाग की अग्नि परीक्षा आगामी गर्मी के मौसम में होगी।

 Sharesee more..
2018 में राहुल का राजनीतिक ‘कद’ बढ़ा

2018 में राहुल का राजनीतिक ‘कद’ बढ़ा

04 Jan 2019 | 11:27 AM

नयी दिल्ली, 04 जनवरी (वार्ता) श्री राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने के बाद पार्टी को मिली सफलता से न केवल वह पार्टी में एकछत्र नेता बनकर उभरे बल्कि उनका राजनीतिक कद बढ़ा है तथा यह माना जाने लगा है कि वह अगले कुछ महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिये बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

 Sharesee more..
बीते साल रक्तरंजित रहा कश्मीर, रिकार्ड तोड़ आतंकवादी ढेर

बीते साल रक्तरंजित रहा कश्मीर, रिकार्ड तोड़ आतंकवादी ढेर

02 Jan 2019 | 12:24 PM

नयी दिल्ली 02 जनवरी (वार्ता) लगभग तीन दशकों से आतंकवाद से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में बीते वर्ष सेना आतंकवादियों पर भारी पड़ी और उसने जहां 250 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया वहीं आतंकियों से लोहा लेते हुए 90 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए तथा 37 नागरिक मारे गये।

 Sharesee more..
छत्तीसगढ़ में सत्ता के बदलाव के लिए याद किया जायेगा बीत रहा वर्ष

छत्तीसगढ़ में सत्ता के बदलाव के लिए याद किया जायेगा बीत रहा वर्ष

31 Dec 2018 | 12:58 PM

रायपुर 31 दिसम्बर(वार्ता)बीत रहा यह वर्ष छत्तीसगढ़ में 15 वर्षो से सत्ता पर काबिज रही भारतीय जनता पार्टी की विदाई एवं विपक्ष में बैठी कांग्रेस के दो तिहाई से भी अधिक बहुमत हासिल कर सत्ता में जोरदार वापसी के लिए याद किया जायेगा।

 Sharesee more..
बुंदेलखंड में होने लगी विकास की सुगबुगाहट

बुंदेलखंड में होने लगी विकास की सुगबुगाहट

30 Dec 2018 | 4:20 PM

झांसी 29 दिसम्बर (वार्ता) राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में दशकों से बदहाली का दंश झेलने वाले बुंदेलखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली मौजूदा केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं से विकास की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है हालांकि पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनरत एक तबका अब भी सरकार की योजनाओं से संतुष्ट नहीं दिखता है।

 Sharesee more..
image