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श्रीमती स्वराज ने बताया कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि दोनों रक्षा मंत्रियों तथा विदेश मंत्रियों के बीच निरंतर संपर्क बनाये रखने के लिए हॉट लाइन स्थापित की जायेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में दक्षिण एशिया की स्थिति पर भी काफी बातचीत हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की दक्षिण एशिया नीति का भारत समर्थन करता है और पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने की नीति को बंद करने का उनका आह्वान भारत की नीति से मेल खाता है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में वहां के लोगों के बीच चल रही मेल मिलाप की प्रक्रिया पर भारत और अमेरिका के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री सीतारमण ने बताया कि शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के हर संभव रास्ते को लेकर सहयोग बढाने का दोनों देशों ने संकल्प लिया ताकि लोगों की तरक्की और समृद्धि की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद और सुरक्षा के लिए हर चुनौती का मिलकर मुकाबला करेंगे। इस संबंध में दोनों देशों ने लक्ष्य हासिल करने की कार्यप्रणाली को लेकर भी विचार विमर्श किया।
उन्होंने कहा कि सैन्य साजो सामान के आदान प्रदान से संबंधित महत्वपूर्ण समझौते लिमोआ तथा विमानवाहक पोतों के अलावा अन्य पोतों से भी हेलिकॉप्टरों के अभियान संबंधी समझौते के बाद आज दोनों देशों ने एक और महत्वपूर्ण सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। संचार अनुकूलता एवं सुरक्षा समझौता (कॉमकासा) से भारत को अमेरिका से उच्च रक्षा प्रौद्योगिकी सुलभ हो सकेगी और इससे भारत की रक्षा तैयारियां सुदृढ होंगी।
रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच बढती सामरिक साझेदारी में रक्षा सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख कारक बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तालमेल बढाने के लिए दोनों देशों की तीनों सेनाओं के बीच अगले साल संयुक्त सैन्य अभ्यास का निर्णय लिया गया है। पहली बार आयोजित यह अभ्यास भारत के पूर्वी तट पर होगा।
संजीव सचिन
जारी वार्ता
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