Tuesday, Oct 19 2021 | Time 19:44 Hrs(IST)
image
भारत


पाथेय ने जैव-अपशिष्ट को उर्वरक में बदलने की मिसाल कायम की

नयी दिल्ली 25 सितंबर (वार्ता) गैर-लाभकारी संगठन पीपल्स एसोसिएशन फॉर टोटल हेल्प एंड यूथ अप्लॉज (पाथेय) ने कचरे को धन-बायोगैस, बिजली, सीएनजी और उर्वरक में बदलने की पूरी प्रक्रिया और यात्रा का यहाँ प्रदर्शन किया और कहा कि ठोस कचरा बिल्कुल भी कचरा नहीं है।
पाथेय ने आज यहां अपना 25वां स्थापना दिवस मनाते हुए अपनी विस्तार योजनाओं और नयी पहलों की घोषणा की। इसने द्वारका, गोयला डेयरी व नंगली डेयरी में अपनी जैव-अपशिष्ट आधारित सीएनजी उत्पादन इकाई एवं कानपुर कैंट में, एक डीजल उत्पादन इकाई स्थापित की है। संगठन की योजना अन्य राज्यों में भी ऐसी इकाइयां स्थापित करने की है। पथेया ने यह भी घोषणा की कि वह अब बिजली के क्षेत्र में प्रवेश करके व्यवसाय में प्रवेश कर रहा है और सोलर केबल्स, वायर्स और अन्य उत्पादों के निर्माण, विपणन और वितरण में डिजो वायर्स एंड केबल के साथ हाथ मिलाया है।
पाथेय के संस्थापक गिरीजेश चौबे ने कहा, “पिछले 25 वर्षों में, हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और उद्यमिता के क्षेत्र में कई मील के पत्थर हासिल किए हैं। अब तक छूट रहे राज्यों के लिए हमारे कुशल और आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ पर्यावरण कार्यक्रम का विस्तार करके पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नई पहल के साथ एक यात्रा शुरू होती है। हम 2022 तक अन्य 10 राज्यों तक पहुंचने की उम्मीद करते हैं। अपशिष्ट प्रबंधन के साथ, संगठन का उद्देश्य समग्र सामुदायिक विकास के लिए पर्यावरण, कृषि,रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण स्वच्छ पर्यावरण पर निर्भर करता है। इसलिए, हम उचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन द्वारा एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए बिना रुके काम कर रहे हैं। एकीकृत प्रबंधन के तहत, हमने न केवल घर से कचरा उठाया और आधुनिक तकनीक से उसका इलाज किया, बल्कि एक शहर के कचरे के पहाड़ को एक खूबसूरत पार्क में बदल दिया।
संगठन ने ठोस अपशिष्ट निपटान और प्रबंधन के अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। झारखंड सहित कई राज्यों में, इसने एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में सरकार के साथ सहयोग किया है। 2016 में महाकुंभ मेला उज्जैन में स्वच्छता, कचरा संग्रहण का समस्त कार्य संगठन द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। पाथेया ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना- नमामि गंगे और स्मार्ट सिटी मिशन (आगरा) में भी योगदान दिया है।
श्री चौबे ने आगे कहा कि किसी भी तरह का कोई भी प्लास्टिक चाहे वह सिंगल यूज हो या फिर मल्टी यूज इसका अंतिम निपटान बिजली बनाने के रूप में उपयोगी साबित होता है। इसलिये कचरा हमारे लिये कचरा नहीं बल्कि संसाधन है।
आजाद टंडन
वार्ता
More News
मंदिरों पर हमलाः  बंगलादेश उच्चतम न्यायालय में दिल्ली के वकील की पत्र याचिका

मंदिरों पर हमलाः बंगलादेश उच्चतम न्यायालय में दिल्ली के वकील की पत्र याचिका

19 Oct 2021 | 7:30 PM

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (वार्ता) बंगलादेश में हिंदुओं तथा उनके धर्म स्थलों पर हमले की न्यायिक जांच, पीड़ितों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और समुचित सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार वहां के उच्चतम न्यायालय से भारत के एक वकील ने पत्र याचिका के माध्यम से की है।

see more..
केन्द्र ने पंजाब को उर्वरक की आपूर्ति का भरोसा दिया: नाभा

केन्द्र ने पंजाब को उर्वरक की आपूर्ति का भरोसा दिया: नाभा

19 Oct 2021 | 7:07 PM

नयी दिल्ली 19 अक्टूबर (वार्ता) केन्द्र सरकार ने पंजाब को जल्द ही डीएपी उर्वरक और बाद में यूरिया की भी समुचित आपूर्ति करने का भरोसा दिया है।

see more..
image