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अनुप्रिया ने पान की खेती को कृषि का दर्जा देने की माँग की

नयी दिल्ली 23 सितंबर (वार्ता) अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से पान की खेती को कृषि का दर्जा दिए जाने की माँग की। शून्य काल के दौरान श्रीमती पटेल ने कहा कि प.बंगाल, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, बिहार , केरल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में चौरसिया समाज के 20 लाख लोग पान की खेती के कार्य में लगे हुए हैं। लेकिन पान की खेती को कृषि का दर्जा न मिलने की वजह से इन्हें बीमा संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि देश में हर साल 6 लाख टन पान का उत्पादन होता है। हर साल भारत से 29 देशों को पान का निर्यात होता है। लेकिन फिलहाल पान की खेती बागवानी के अंतर्गत आती है, उसे कृषि का दर्जा न मिलने की वजह से बारिश, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान पान की खेती करने वाले किसानों को बीमा लाभ नहीं मिल पाता है। चौरसिया समाज पिछले काफी समय से पान की खेती को कृषि का दर्जा देने की मांग कर रहा है।
श्रीमती पटेल ने कहा कि पान को कृषि का दर्जा न मिलने की वजह से किसानों को बीमा, सब्सिडी और मुआवजे का लाभ नहीं मिलता है। उन्हें सस्ती बिजली नहीं मिलती है। बैंक द्वारा कम ब्याज पर ऋृण नहीं दिया जाता है और खाद्य एवं कीटनाशक दवाएं सरकारी मूल्य पर नहीं मिलती हैं।
प्रणव.संजय
वार्ता
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