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11 वीं वरीयता प्राप्त केर्बर का यह तीसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन के खिताब जीते थे। टॉप 10 वरीय खिलाड़ियों के बाहर हो जाने के बाद केर्बर महिला वर्ग में केर्बर शीर्ष वरीय खिलाड़ी रह गयी थीं और उन्होंने अपनी वरीयता के साथ पूरा न्याय किया। इसके साथ ही वह 1996 में स्टेफी ग्राफ की कामयाबी के बाद विम्बलडन का खिताब जीतने वाली पहली जर्मन खिलाड़ी बन गयीं।
फाइनल में हारने के बाद सेरेना ने विम्बलडन के अपने प्रदर्शन को सभी मांओं को समर्पित किया। सेरेना ने कहा कि वह यहां सभी मांओं की तरफ से खेल रही थीं लेकिन उन्हें अपनी हार का कोई अफ़सोस नहीं हैं क्योंकि वह एक बेहतर खिलाड़ी से हारीं।
36 साल की सेरेना अपनी बेटी एलेक्सिस ओलिम्पिया के गत सितम्बर में जन्म के बाद सर्किट में लौटी थीं और वह पिछले 38 वर्षों में आल इंग्लैंड क्लब में फाइनल में पहुंचने वाली पहली मां बनी थीं। सेरेना का मां बनने के बाद यह चौथा टूर्नामेंट था। विम्बलडन में खिताब जीतने वाली आखिरी मां ऑस्ट्रेलिया की इवोन गुलागोंग थीं जिन्होंने 1980 में यहां खिताब जीता था।
उन्होंने केर्बर की तारीफ़ करते हुए कहा कि केर्बर ने अविश्वसनीय प्रदर्शन किया और वह मेरी अच्छी दोस्त भी है इसलिए मैं उसके चैंपियन बनने से बहुत खुश हूं।
वर्ष 2014 से विम्बलडन में अपराजित रहीं सेरेना ने पहले सेट में तीन बार अपनी सर्विस गंवाई और केर्बर ने अपना दबदबा बनाये रखते हुए सेरेना से 2016 के फाइनल में मिली हार का बदला चुका लिया।
राज
वार्ता
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