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दोबारा चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर 12 से अधिक राजनीतिक दलों ने साझा रणनीति बनाने के लिए बैठक की । एमएमए पार्टी के प्रवक्ता ने कहा,“ हम लोग दोबारा चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर आंदाेलन छेड़ेंगे।
श्री इमरान खान का पार्टी पीटीआई को 115 और श्री नवाज की पार्टी पीएमएल-एन को 64 सीटें मिली हैं। पीपीपी 43 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है। अल्लाह -हु- अकबर पार्टी से अपने बेटे और दामाद को चुनाव में उतारने वाले मुंबई हमले के मास्टरमाइंड एवं आतंकवादी सरगना हाफिज सईद को इस चुनाव में जनता ने सिरे से नकार दिया है। इस पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। पीटीआई सरकार बनाने के जादुई आंकड़ा प्राप्त करने में असफल रहने के बाद मुताहिदा मजलिस-ए अमल समेत कट्टरपंथी धड़ो हाथ मिला सकती है।
इस बीच संसदीय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने से चुकने के बाद पीएमएल -एन अपने गढ़ पंजाब प्रांत में सरकार बनाने के प्रयास में है। वह इस प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन पीटीआई इसके साथ होड़ में है। पीटीआई श्री नवाज की पार्टी से कुछ सीटों से कम है लेकिन वह छोटी और निदर्लीय दलों के सहयोग से इस प्रांत में अपनी सरकार बनाने की कोशिश में है।
पाकिस्तान में चुनाव के दौरान हिंसक घटनाएं भी हुयी। मतदान के दिन 25 जुलाई को क्वेटा में विस्फोट हुआ था जिसमें कई लोगों की जान गयी थी।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के मामले में रावलपिंडी की जेल में बंद श्री शरीफ 10 साल की सजा काट रहे हैं।इस जेल में उनकी बेटी मरियम शरीफ भी सात साल की सजा भोग रही है। श्री शरीफ बीमार पत्नी को लंदन छोड़कर इस माह स्वदेश लौटे थे और कहा था कि वह अपने देश के नागरिकों और पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अकेले नहीं छोड़ सकते। उन्होंने यह भी कहा था कि वह कायर नहीं है कि देश से बाहर रहें। उन्हें किसी बात का डर नहीं है क्योंक वह किसी प्रकार के भ्रष्टााचार में शामिल नहीं है,वह अदालत के फैसले को चुनौती देगें।
आशा वार्ता
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