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बादल को सजा दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी : कैप्टन अमरिन्दर सिंह

बादल को सजा दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी : कैप्टन अमरिन्दर सिंह

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 04 सितंबर (वार्ता) पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को कोटकपूरा और बहबल कलां की गोलीबारी घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए अकाली नेता पर पंजाब को बुरी तरह बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को सजा दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी और उनको हर हाल में कानून के कटघरे में खड़ा किया जायेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री के साथ रत्ती भर भी नरमी न बरतने की अपनी बात दोहराते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नई दिल्ली में चुनिंदा पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि यह बिल्कुल ही संभव नहीं है कि श्री बादल को पुलिस गोलीबारी के बारे में जानकारी ही न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट अदालत में जायेगी और सारी सच्चाई सामने आ जायेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच वापिस लेने और पंजाब पुलिस की एसआईटी के हवाले करने का फैसला राज्य विधानसभा ने लिया है जिसने महसूस किया है कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार है और इसके द्वारा केंद्रीय एजेंसी को प्रभावित किया जा सकता है क्योंकि भाजपा शिरोमणी अकाली दल की सहयोगी है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बहबल कलां और कोटकपूरा की गोलीबारी की घटनाएं और बेअदबी के मामलों की जांच के लिए रणजीत सिंह कमिशन स्थापित किया गया था जिसने आगे और जांच का सुझाव दिया है जिसके लिए एसआईटी स्थापित की जा रही है । उन्होंने कहा कि रणजीत सिंह कमीशन तथ्यों की जांच करने वाला पैनल था और इसने बे-गुनाह लोगों पर जान-बूझकर और मूर्खतापूर्ण ढंग से गोलीबारी को अंजाम देने वाली घटनाओं की तह तक जाकर जांच करने का अपना कार्य किया।

श्री बादल की तरफ से गोलीबारी बारे कुछ भी पता न होने और उनकी तरफ से इस संबंध में कसम खाने को तैयार होने की बात कहे जाने को कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पूरी तरह खारिज कर दिया और उन्होंने कहा कि यह उक्त घटनाओं में उनकी भूमिका से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किस तरह संभव हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री को गोलीबारी बारे कुछ पता भी न हो । उन्होंने कहा कि पूर्व पुलिस महानिदेशक सुमेध सैनी ने रणजीत सिंह कमिशन के आगे स्पष्ट रूप में कहा है कि श्री बादल ने उन्हें सख्ती के साथ भीड़ को खदेडऩे के लिए कहा था। उन्होंने कहा, “एक मुख्यमंत्री के होते हुए अगर मेरे राज्य में कुछ घटता है तो मैं इस तरह का झूठ बोल कर उससे मुंह नहीं फेर सकता।“ उन्होंने कहा कि अगर उनकी नाक के नीचे कुछ घटता है और उन्हें उस बारे जानकारी ही नहीं हैं तो उन्हें ओहदे से एक तरफ कर देना चाहिए । उन्होंने कहा कि कमीशन की जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि गोलीबारी से पहले श्री बादल को 22 कॉल की गई थीं।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आरोप लगाया कि श्री बादल झूठ बोलने में माहिर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल ने ज़ोरा सिंह कमिशन की जांच पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जो उनकी अपनी सरकार की तरफ से बरगाड़ी की बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद हुई गोलीबारी की जांच के लिए स्थापित किया गया था।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को गोली चलाने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का अनुसरण करना जरूरी है और ऐसा बहबल कलाँ और कोटकपूरा की गोलीबारी के दौरान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान हुई गोलीबारी का स्पष्ट उद्देश्य शांतिपूर्ण विरोध कर रहे लोगों की जान लेना था जिससे राज्य में तनाव पैदा किया जा सके।

पंजाब विधानसभा में रणजीत सिंह कमिशन की रिपोर्ट पर बहस वाले दिन अकालियों की तरफ से इस बहस में हिस्सा न लेने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने बादल को बरगाड़ी और बहबल कलां के मुद्दों पर बहस की चुनौती दी।

आम आदमी पार्टी के नेता एच एस फुलका की तरफ से इस्तीफा देने की दी गई धमकी के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों में चर्चित रहने के लिए इस चालबाज़ी में लगे हुए हैं।

महेश विक्रम

वार्ता

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