Tuesday, Feb 19 2019 | Time 17:01 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • जोकोविच चौथी बार बने लॉरियस स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर
  • पूर्वोत्तर में चार रेशम परियोजनाओं का स्मृति ने किया उद्घाटन
  • पूर्वोत्तर में चार रेशम परियोजनाओं का स्मृति ने किया उद्घाटन
  • बजरंग दल की धमकी के बाद 20 कश्मीरी छात्रों ने सहारनपुर छोड़ा
  • स्थिति के अनुसार खेलना जानता हूं: पंत
  • स्थिति के अनुसार खेलना जानता हूं: पंत
  • शिवसेना ने किया नवजोत सिद्धू के खिलाफ प्रदर्शन
  • पाकिस्तान ने भारत से तनाव खत्म कराने के लिए सं रा से लगायी गुहार
  • लगातार नौंवे दिन शेयर बाजार में जारी रही बिकवाली
  • पाकिस्तान जैश पर संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई का विरोध नहीं करे: अमेरिका
  • स्पाइसजेट शुरू करेगी 12 नयी उड़ानें
  • उ न्या ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगले की सुविधा की समाप्त
भारत Share

एससी/एसटी कानून : केंद्र सरकार से जवाब तलब

एससी/एसटी कानून : केंद्र सरकार से जवाब तलब

नयी दिल्ली 07 सितम्बर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई पर शुक्रवार को रजामंदी जता दी, हालांकि इसने फिलहाल कानून के अमल पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वकील पृथ्वी राज चौहान और प्रिया शर्मा की याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार तो कर ली लेकिन संशोधन कानून के अमल पर स्थगनादेश जारी करने से इन्कार कर दिया।

न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, “केंद्र सरकार का पक्ष जाने बिना कानून के अमल पर रोक लगाना मुनासिब नहीं होगा।” इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने गत 20 मार्च को दिये गए फैसले में एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए धारा 18 के उन प्रावधानों को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने, तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और अग्रिम जमानत न देने की व्यवस्था की गयी थी।

न्यायालय ने इन प्रावधानों को निरस्त करते हुए कहा था कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून में शिकायत मिलने के बाद तुरंत मामला दर्ज नहीं होगा, पुलिस उपाधीक्षक या इस रैंक के अधिकारी पहले शिकायत की प्रारंभिक जांच करके पता लगाएगा कि मामला झूठा या दुर्भावना से प्रेरित तो नहीं है। इसके अलावा इस कानून में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अभियुक्त को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जायेगा। सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी से पहले सक्षम अधिकारी और सामान्य व्यक्ति की गिरफ्तारी से पहले एसएसपी की मंजूरी ली जायेगी। इतना ही नहीं न्यायालय ने अभियुक्त की अग्रिम जमानत का भी रास्ता खोल दिया था।

न्यायालय के इस फैसले का व्यापक राजनीतिक विरोध हुआ था और विभिन्न राजनीतिक दलों ने इससे कानून के कमजोर होने की बात कही थी। उसके बाद दो अप्रैल को देश भर में विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन हुए थे।

केंद्र सरकार ने पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जो अब भी न्यायालय में लंबित है, लेकिन बाद में भारी राजनीतिक दबाव के बीच सरकार ने मानसून सत्र के दौरान संसद में संशोधन विधेयक पेश किया और दोनों सदनों में यह पारित भी हो गया। राष्ट्रपति की मोहर के बाद इसे अधिसूचित भी कर दिया गया है।

संशोधन कानून के तहत धारा 18ए जोड़कर न्यायालय द्वारा निरस्त किये गये प्रावधानों को फिर से बहाल करने की कवायद की गयी है ताकि कानून को मूल स्वरूप में लाया जा सके। इसी कवायद की वैधानिकता को याचिकाकर्ताओं ने चुनौती दी है।

सुरेश.श्रवण

वार्ता

More News
स्टार्टअप को मिलेगी आयकर में छूट

स्टार्टअप को मिलेगी आयकर में छूट

19 Feb 2019 | 4:50 PM

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को आयकर में छूट देने की प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

 Sharesee more..
आदिवासी परंपराओं, रीति-रिवाजों का सम्मान संवैधानिक दायित्व: वेंकैया

आदिवासी परंपराओं, रीति-रिवाजों का सम्मान संवैधानिक दायित्व: वेंकैया

19 Feb 2019 | 4:35 PM

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने आदिवासी समाज की परंपराओं और रीति-रिवाजों के सम्मान को संवैधानिक दायित्व बताते हुए मंगलवार को कहा कि दुनिया भर के जनजातीय समूह विविधता में एकता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

 Sharesee more..
एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून मामले में 26 मार्च को सुनवाई

एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून मामले में 26 मार्च को सुनवाई

19 Feb 2019 | 3:45 PM

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) उच्चतम न्यायालय अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति :एससी-एसटी: (अत्याचार निवारण) कानून से संबंधित फैसले के विरुद्ध केंद्र की पुनर्विचार याचिका एवं संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 26 मार्च को सुनवाई करेगा।

 Sharesee more..
दिग्विजय की सिद्धू को सलाह, अपने दोस्त इमरान को समझायें

दिग्विजय की सिद्धू को सलाह, अपने दोस्त इमरान को समझायें

19 Feb 2019 | 3:39 PM

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) पुलवामा हमले पर विवादित बयान के बाद आलोचना झेल रहे पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को उनकी पार्टी कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने नसीहत देते हुये कहा है कि उनके दोस्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की वजह से उन्हें गालियां पड़ रही हैं और वह अपने मित्र को समझायें।

 Sharesee more..
image