Tuesday, Jul 16 2019 | Time 21:38 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • लखनऊ में 62वीं अखिल भारतीय पुलिस डियूटी मीट का शुभारम्भ
  • सुपर 30 में काम करने का अनुभव शानदार : ऋतिक
  • दिसंबर तक विधायकों के लिए 100 बंगले : मंत्री
  • ग्रामीण विकास परियोजनाओं में केरल की अनदेखी कर रही सरकार : प्रेमचंद्रन
  • नई पेंशन योजना के दायरे में बिहार के 151466 कर्मचारी : सुशील
  • प्रियंका ने मुंबई हादसे को लेकर अधिकारियों पर उठाये सवाल
  • नाइजीरिया तट के पास से तुर्की के 10 नाविक अगवा
  • शेखावत ने किया असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
  • सुल्तानपुर में पारिवारिक विवाद में बड़े भाई की गोली मारकर हत्या
  • लगार्ड ने आईएमएफ प्रमुख के पद से त्यागपत्र दिया
  • लगार्ड ने आईएमएफ प्रमुख के पद से त्यागपत्र दिया
  • कुख्यात वंशी चौधरी ने किया आत्मसमर्पण
  • वरुण की हत्या के आरोपी मां-बेटे गिरफ्तार, बदला चुकाने दिया वारदात को अंजाम
  • बोनगांव के पार्षदों की गिरफ्तारी रोक
  • असम बाढ़: केंद्र ने राहत के लिए जारी किये 251 55 करोड रुपये
बिजनेस


विश्व व्यापार संगठन ने किया भारत का धन्यवाद

नयी दिल्ली 15 मई (वार्ता) विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के महानिदेशक रोबर्टो अजेवेदो ने संगठन के समक्ष मौजूदा चुनौतियों और व्यापार युद्ध के वैश्विक आर्थिक विकास तथा व्यापार के विस्तार पर पड़ने वाले प्रभाव पर मंत्री स्तरीय समूह की बैठक के आयोजन के लिए भारत को धन्यवाद दिया है।
मंगलवार को मंत्री स्तरीय समूह की अनौपचारिक बैठक समाप्त होने के बाद श्री अजेवेदो ने बुधवार को ट्वीट कर कहा “डब्ल्यूटीओ के समक्ष चुनौतियों पर दिल्ली में मंत्रियों के बीच उत्कृष्ट चर्चा की मेजबानी के लिए भारत को धन्यवाद। (व्यापार युद्ध का) असर सब पर होगा, लेकिन विकासशील देश और अल्प विकसित देशों पर इसका सबसे ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।”
उन्होंने कहा, “इस बैठक में जो देश शामिल हुए, वे इस बात को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कि हम इस समय कहाँ हैं और आगे का क्या रास्ता होना चाहिये। मुझे लगता है कि हमारे पास इस समझ को और मजबूत बनाने तथा भविष्य में सकारात्मक रास्ते पर आगे बढ़ने का अवसर है।”
बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया था कि डब्ल्यूटीओ की प्रक्रिया में विकास को केंद्र में रखा जाना चाहिए, समावेशी विकास को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये और विकासशील देशों की रुचि तथा चिंताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिये। आगे का रास्ता मुक्त, पारदर्शी और समावेशी प्रक्रिया द्वारा तय किया जाना चाहिये।
अजीत, यामिनी
वार्ता
image