Friday, Feb 28 2020 | Time 22:49 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • वेंकैया का परंपरा और तकनीक को जोड़ने का आह्रान
  • बैंक धोखाधड़ी मामलों में तीन स्थानों पर सीबाआई के छापे
  • पुलवामा हमला मामले में एनआईए को मिली बड़ी सफलता
  • झांसी: नौकरी का झांसा देकर लूटने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
  • देशद्रोह मामले में शरजील न्यायिक हिरासत में
  • साइप्रस निशानेबाजी विश्व कप से हटा भारत
  • साइप्रस निशानेबाजी विश्व कप से हटा भारत
  • दिल्ली सरकार ने दबाव में जेएनयू मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दी: जावड़ेकर
  • तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा अडाणी को देने के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट वापस
  • परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वाले विद्यालयों को किया जा रहा है नौटिस जारी:शर्मा
  • मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं देने से नाराज भाजपा सदस्यों का हंगामा
  • डिब्रूगढ़ राजधानी में बम होने की फैलाई गई अफवाह
  • आर्थिक मोर्चे पर ‘करो ना’ संक्रमण से पीड़ित मोदी सरकार:कांग्रेस
  • सुल्तानपुर पुलिस ने किए दो इनामी बदमाश गिरफ्तार
  • फोटो कैप्शन तीसरा सेट
मनोरंजन


खलनायक से नायक बने विनोद खन्ना

खलनायक से नायक बने विनोद खन्ना

..जन्मदिवस 06 अक्तूबर ..

मुबई 05 अक्तूबर (वार्ता) बतौर खलनायक अपने करियर का आगाज कर नायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचने वाले सदाबहार अभिनेता विनोद खन्ना ने अपने अभिनय से दर्शको के बीच अपनी अमिट पहचान बनायी।

छह अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने स्नातक की शिक्षा मुंबई से की। इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का अवसर मिला। सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म ..मन का मीत ..के लिये नये चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने फिल्म में विनोद खन्ना के समक्ष बतौर सह-नायक काम करने की पेशकश की जिसे विनोद खन्ना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

घर पहुंचने पर विनोद खन्ना को अपने पिता से काफी डांट भी सुननी पड़ी। विनोद खन्ना ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में कहा तो उनके पिता ने उन पर बंदूक तान दी और कहा ..यदि तुम फिल्मों में गये तो तुम्हें गोली मार दूंगा। बाद में विनोद खन्ना की मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद खन्ना को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की इजाजत देते हुये कहा यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होगे हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा।

वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म ..मन का मीत ..टिकट खिड़की पर हिट साबित हुयी। फिल्म की सफलता के बाद विनोद खन्ना को आन मिलो सजना .मेरा गांव मेरा देश .सच्चा झूठा जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिकायें निभाने का अवसर मिला लेकिन इन फिल्म की सफलता के बावजूद विनोद खन्ना को कोई खास फायदा नहीं मिला।

विनोद खन्ना को प्रारंभिक सफलता गुलजार की फिल्म .मेरे अपने. से मिली। इसे महज एक संयोग ही कहा जायेगा कि गुलजार ने बतौर निर्देशक करियर की शुरूआत की थी। छात्र राजनीति पर आधारित इस फिल्म में मीना कुमारी ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म में विनोद खन्ना और शत्रुध्न सिंहा के बीच टकराव देखने लायक था। वर्ष 1973 में विनोद खन्ना को एक बार फिर से निर्देशक गुलजार की फिल्म ..अचानक ..में काम करने का अवसर मिला जो उनके करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुयी। फिल्म से जुड़ा एक रोचक तथ्य है कि इस फिल्म में कोई गीत नही था। वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म ..इम्तिहान ..विनोद खन्ना के सिने करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुयी।

वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म ..अमर अकबर ऐंथोनी ..विनोद खन्ना के सिने करियर की सबसे कामयाब फिल्म साबित हुयी। मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी यह फिल्म .खोया पाया .फार्मूले पर आधारित थी। तीन भाइयों की जिंदगी पर आधारित इस मल्टीस्टारर फिल्म में अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर ने भी अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 1980 में प्रदर्शित फिल्म ..कुर्बानी ..विनोद खन्ना के करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुयी । फिरोज खान के निर्माण और निर्देशन में बनी इस फिल्म में विनोद खन्ना अपने दमदार अभिनय की वजह से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से नामांकित किये गये।

अस्सी के दशक में विनोद खन्ना शोहरत की बुलंदियो पर जा पहुंचे और ऐसा लगने लगा कि सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को उनके सिंहासन से विनोद खन्ना उतार सकते है लेकिन विनोद खन्ना ने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया और आचार्य रजनीश के आश्रम की शरण ले ली। वर्ष 1987 में विनोद खन्ना ने एक बार फिर से फिल्म ..इंसाफ ..के जरिये फिल्म इंडस्ट्री का रूख किया। वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म ..दयावान .. विनोद खन्ना के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। हालांकि यह फिल्म टिकट खिड़की पर कामयाब नहीं रही लेकिन समीक्षको का मानना है कि यह फिल्म विनोद खन्ना के करियर की उत्कृष्ठ फिल्मों में एक है ।

फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद विनोद खन्ना ने समाज सेवा के लिए वर्ष 1997 में राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से वर्ष 1998 में गुरदासपुर से चुनाव लड़कर लोकसभा सदस्य बने। बाद में उन्हें केन्द्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया। वर्ष 1997 में अपने पुत्र अक्षय खन्ना को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिये विनोद खन्ना ने फिल्म .हिमालय पुत्र .का निर्माण किया। फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह से नकार दी गयी। दर्शको की पसंद को ध्यान में रखते हुये विनोद खन्ना ने छोटे पर्दे की ओर भी रूख किया और महाराणा प्रताप और मेरे अपने जैसे धारावाहिकों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया1। विनोद खन्ना ने अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में अभिनय किया। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले विनोद खन्ना 27 अप्रैल 2017 को अलविदा कह गये।

 

More News
आशिकी 3 का हिस्सा बनकर खुशी होगी: आदित्य रॉय कपूर

आशिकी 3 का हिस्सा बनकर खुशी होगी: आदित्य रॉय कपूर

28 Feb 2020 | 11:28 AM

मुंबई 28 फरवरी (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता आदित्य रॉय कपूर का कहना है कि उन्हें फिल्म आशिकी 3 का हिस्सा बनकर खुशी होगी।

see more..
जुबैदा के सीक्‍वल में काम करेंगी करिश्मा-करीना!

जुबैदा के सीक्‍वल में काम करेंगी करिश्मा-करीना!

28 Feb 2020 | 11:22 AM

मुंबई 28 फरवरी (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर और करीना कपूर जुबैदा के सीक्वल में काम करती नजर आ सकती हैं।

see more..
स्त्री रोग विशेषज्ञ का किरदार निभायेंगे आयुष्मान खुराना

स्त्री रोग विशेषज्ञ का किरदार निभायेंगे आयुष्मान खुराना

28 Feb 2020 | 11:16 AM

मुंबई 28 फरवरी (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना अपनी आने वाली फिल्म में स्त्री रोग विशेषज्ञ का किरदार निभाते नजर आ सकते हैं।

see more..
करीना ने फिटनेस का बताया राज

करीना ने फिटनेस का बताया राज

28 Feb 2020 | 10:45 AM

मुंबई 28 फरवरी (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने अपनी फिटनेस का राज बताया है।

see more..
सलमान को लेकर फिल्म नहीं बना रहे हैं आनंद एल राय

सलमान को लेकर फिल्म नहीं बना रहे हैं आनंद एल राय

28 Feb 2020 | 10:38 AM

मुंबई 28 फरवरी (वार्ता) बॉलीवुड फिल्मकार आनंद एल राय का कहना है कि वह सलमान खान को लेकर फिल्म नहीं बना रहे हैं।

see more..
image