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प्रोफेसर कामाकोटि ने आईआईटी मद्रास के नए डायरेक्टर का कार्य संभाला

चेन्नई, जनवरी 17 (वार्ता) प्रोफेसर कामाकोटि विजहीनाथन ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के नए निदेशक का कार्य संभाला।
प्रोफेसर कामाकोटि ने प्रोफेसर भास्कर रामामूर्ति से कार्यभार संभाला, जिन्होंने संस्थान के निदेशक के तौर पर दो कार्यकाल को पूरा कर किया।
डॉ. कामाकोटि ने डीन डॉ. जेन प्रसाद, रजिस्टार, और अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यभार संभाला। आईआईटी-मद्रास के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन डॉ. पवन गोयनका और दूसरे बोर्ड सदस्य आभासी तरीके इस दौरान मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्रालय के नेशन इंस्टीट्यूट ऑफ रैंकिंग फ्रेमवर्क में शीर्ष स्थान पर अपना विचार रखते हुए डॉ. कामाकोटि कहा कि मेरा ध्यान आईआईटी मद्रास को दोबारा शीर्ष रैंकिंग पर लाने पर होगा। साथ ही संस्थान के अकादमिक और शोध बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
आईआईटी मद्रास राष्ट्रीय स्तर के साथ ही तामिलनाडु में कैसे अहम प्रभाव उत्पन्न कर सकता है, इस मुद्दे पर विचार रखते हुए प्रोफेसर कामाकोटि ने कहा कि शोध और विकास में अहम काम करके सरकार के साथ सहयोग करने का प्रयास करेंगे। केंद्र और राज्य में अपने काम को प्रसंगिक बनाने के लिए देश, राज्य और लोगों की जरूरत और समग्र विकास में योगदान देंगे।
वर्ष 2022 और उसके आगे के लिए अपनी प्राथमिकता पर प्रोफेसर कामाकोटि ने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन और दूरस्थ शिक्षा के प्रभाव और बढ़ाएंगे। विद्यालय शिक्षा बोर्ड के साथ मिलकर काम करेंगे और पाठ्यक्रम को मजबूत करेंगे। व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए गुणवत्ता विकास कार्यक्रम शुरू करेंगे। विद्यालय के छात्रों से मिलकर विज्ञान और शोध के प्रति उनकी रुझान को बढ़ाएंगे। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उद्योग आधारित एम टेक कार्यक्रम में विविध विषयों के पाट्यक्रम में भाषा, दर्शन शास्त्र और कला, पर्यावरण और मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर होगा। उद्वोग के भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
अनुवादित शोध के साथ समाज से संबंधित समस्याओं पर जोर रहेगा। पुनरुत्पादक कृषि, उद्योग 4.0, चिकित्सा तकनीक और निर्माण तकनीक शामिल होगा। इसके अलावा एआई द्वारा कागज रहित प्रभावी सरकार हाेगी।
उन्होंने कहा कि मैं अपने उच्च प्रेरित और प्रतिभावान शिक्षक और छात्रों के साथ शोध और आविष्कार का विस्तार करना चाहता हूं ताकि आईआईटी मद्रास वैश्विक और भारतीय शिक्षक, छात्र और उद्वोग की पसंद बने।
उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर कामाकोटि ने भारत में विकसित देसी माइक्रोप्रोसेसर शक्ति के शोध और डिजाइन टीम का नेतृत्व किया था, जिसका मोबाइल कंप्यूटिंग डिवास और नेटवर्किंग सिस्टम में उपयोग किया जाता है।
आलोक, संतोष
वार्ता
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