Monday, Nov 19 2018 | Time 06:32 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • इजरायल में जल्द चुनाव संभव नहीं : नेतन्याहू
  • सबरीमला : श्रद्धालु गिरफ्तार, विजयन के निवास के बाहर प्रदर्शन
  • विजयन के निवास के बाहर श्रद्धालुओं ने किया प्रदर्शन
  • सबरीमला में तनाव बरकरार, भक्ति गीत गाने पर श्रद्धालु गिरफ्तार
  • एचएएल बनायेगा स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान: भामरे
  • सबरीमला मेें मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन: केरल मानवाधिकार आयोग
  • कांग्रेस ने राजस्थान के लिए सभी उम्मीदवार किये घोषित
राज्य Share

शिक्षा क्षेत्र के लिए एक हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे-सोनी

जालंधर 05 सितंबर (वार्ता) पंजाब में शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री कैप्टर अमरिंदर सिंह की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए शिक्षा मंत्री ओ पी सोनी ने आज कहा कि इस क्षेत्र के कायाकल्प के लिए रोडमैप तैयार है और राज्य सरकार इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।
आईवीवाईवर्ल्ड स्कूल में बुधवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह दौरान सभा को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शिक्षा क्षेत्र की प्राचीन महिमा को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्री सिंह स्वास्थ्य और शिक्षा के दो मुख्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस महान मिशन को पूरा करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि यह सभी के लिए बहुत गर्व और संतुष्टि का विषय है कि राज्य भर में 13 हजार सरकारी स्कूलों में 25 लाख से ज्यादा छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही छात्रों की वर्दी पर 86 करोड़ रुपये, स्मार्ट कक्षाओं पर 64 करोड़ रुपये, सौर पैनलों पर 30 करोड़ रुपये, लाइब्रेरी किताबों के लिए 5 करोड़ रुपये, खेल के लिए 18 करोड़ रुपये, सैनिटरी पैड के लिए 10 करोड़ रुपये, आरओ नौ करोड़ रुपये की लागत, ग्रीन बोर्ड के लिए दो करोड़, कक्षाओं के लिए 120 करोड़ रुपये, मिड डे मील के लिए 310 करोड़ रुपये पर खच्र कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा क्षेत्र के लिए धन की कोई कमी नहीं है और इस क्षेत्र के समग्र विकास पर प्रमुख जोर दिया जाएगा।
इस महान अवसर पर शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह एक लाल पत्र दिवस है जब इस समारोह का आयोजन पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि इस अवसर पर अत्यधिक समर्पण और ईमानदारी से अपना कर्तव्य निर्वहन करने के लिए प्रतिज्ञा करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सरकारी स्कूलों के छात्रों की नियति को बदलने के लिए मॉडल शिक्षकों के रूप में उभरने के लिए भारत के महान पूर्व राष्ट्रपति से प्रेरणा लेनी चाहिए।
ठाकुर.श्रवण
वार्ता
image