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राजस्थान विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का नियमन मामला एसीबी के पास भेजा

जयपुर 07 सितम्बर (वार्ता) राज्य के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने राजस्थान विश्वविद्यालय में बत्तीस कर्मचारियों के नियमन के मामले को जांच के लिये भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के पास भेजा है।
कर्मचारियों को नियम विरूद्ध नियमितीकरण किये जाने का मामले की जानकारी मिलते ही श्री सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और इसका गहनता से अध्ययन कराया है और मामले में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाई गई। इसके बाद उन्होंने इस मामले को जांच के लिए एसीबी के पास भेजने के आदेश दिये।
इस मामले में विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं दस्तावेजों की श्री सिंह ने राजभवन के अधिकारियों से विश्लेषण कराया। विश्वविद्यालय में अस्थाई/तदर्थ/दैनिक आधार पर व्यक्तियों की नियुक्तियां की गई। विश्वविद्यालय ने कार्मिकों का नियमितीकरण तथा वेतनमान एवं वित्तीय लाभ प्रदान किये। प्रकरण में विश्वविद्यालय के अधिनियम के प्रावधानों की पालना भी नही की गई है।
कर्मचारियों को तदर्थ नियुक्ति से चयनित वेतनमान का लाभ दिया गया है। इन वित्तीय लाभों को वित्त विभाग के नियमों के अधीन नही पाया गया है। वेतनमान एवं चयनित वेतन दिये जाने की अपेक्षित स्वीकृति/सलाह भी राज्य सरकार से नहीं ली गई है। बिना किसी नियम/अधिनियम और राज्य सरकार की स्वीकृति के अभाव में आंतरिक स्तर पर गठित कमेटी की अनुशंसाओं पर इन बत्तीस कर्मचारियों के नियमितीकरण में लोक सेवाओं में नियुक्तियों का विनियमन एवं स्टाॅफ का सुव्यवस्थीकरण अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया है।
जोरा
वार्ता
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