Tuesday, Apr 23 2019 | Time 19:50 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • अब दिल्ली में परिवर्तन का समय: ममता बनर्जी
  • उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता चिंता का विषय, सतत सुधारों की जरूरत: वेंकैया
  • मोदी पर आयोग लगाए 72 घंटे का प्रतिबंध : कांग्रेस
  • देश में धन की कमी नहीं - राहुल गांधी
  • बजरंग ने मंगल के दिन जीता स्वर्ण
  • यूडीएफ एजेंट को एलडीएफ समर्थकों ने चाकू घोंपा
  • हरियाणा में 12 मई को मतदान का दिन पेड अवकाश घोषित
  • त्रिवेन्द्र ने की अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की समीक्षा
  • उप्र में 40 06 करोड़ की नगदी जब्त 52,21,366 पोस्टर्स आदि हटाये
  • केदारनाथ कस्तूरी मृग अभ्यारण्य क्षेत्र के वन पंचायतों, गांवों को मिल सकती है राहत
  • तीसरे चरण में बंगाल,त्रिपुरा,असम,गोवा और केरल में बंपर वोटिंग
  • मध्यप्रदेश के अनेक स्थानों में गर्म हवाएं, खरगोन में लू
  • आंतकवादियों की इदलिब में रासायनिक हमले की योजना
राज्य


पश्चिम बंगाल में भारत बंद का असर नहीं

कोलकाता 10 सितंबर (वार्ता) पेट्रोलियम उत्पादों की आसमान छूती कीमतों के विरोध में कांग्रेस के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दलों की आेर से सोमवार को आहूत बंद और वाम दलों के 12 घंटों की हड़ताल के आह्वान का पश्चिम बंगाल में कोई खास असर नहीं पड़ा।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह बंद के खिलाफ है लेकिन इस मुद्दे को लेकर उसने सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया। राजधानी कोलकाता और अधिकतर जिलों में जन जीवन और यातायात सामान्य रहा। कोलकाता तथा हावड़ा जिले के सियालदह और हावड़ा स्टेशनों पर रोजाना की तरह बड़ी संख्या में यात्री नजर आये। दोनों स्टेशनों के बीच बस सेवाएं भी सामान्य रहीं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
कोलकाता के सभी महत्वपूर्ण इलाकों में स्थिति सामान्य रही। हावाड़ा जिले में वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने कुछ स्थानों पर सड़क अवरूद्ध किया जिसके कारण यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने जब अवरोध हटाने की कोशिश की तो वाम दलों के साथ उनकी झड़प भी हुई।
तृणमूल सरकार ने राज्य में यातायात सामान्य रखने के लिए 4000 सरकारी बसें चलायी थी। कोलकाता में अतिरिक्त ट्राम भी चलायी गयी। राज्य सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को सोमवार को दफ्तर आने का निर्देश देते हुए अधिसूचना जारी की थी।
तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी ने बताया कि वाम मोर्चा के शासनकाल में 40 लाख कार्यदिवस का नुकसान हुआ था।पार्टी नहीं चाहती कि बंगाल में अब और हड़ताल हों लेकिन हमने पेट्रोल की कीमतों के विरोध में मार्च निकाला है।
यामिनी आशा
वार्ता
image