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विधानसभा में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित

रायपुर, 11 सितंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में आज दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, राज्यपाल बलराम दास टंडन, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी और प्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री रामचंद्र सिंहदेव को श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने चारों प्रमुख नेताओं के निधन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी के कारण छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हो पाया है। उनका छत्तीसगढ़ से विशेष प्रेम था। श्री अग्रवाल ने श्री टंडन, श्री चटर्जी और श्री सिंहदेव के योगदान को भी याद किया।
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने श्री वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता का मुकाबला कोई नेता नहीं कर सकता। छत्तीसगढ़ राज्य बनाकर उन्होंने अपना वादा निभाया। उन्होंने ही सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि अटलजी की यादों को जीवंत रखने के लिए नया रायपुर, एक्सप्रेस वे, बिलासपुर विश्व विद्यालय सहित कई संस्थाएं उनके नाम पर की गई हैं। श्री सिंहदेव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे ईमानदार राजनेता थे। राजा होते हुए फकीर की तरह जिए। उन्होंने श्री चटर्जी और श्री टंडन को भी श्रद्धांजलि दी।
नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव ने कहा कि विपक्ष का कोई प्रधानमंत्री हो तो अटलजी जैसा होना चाहिए। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने आदर्श विपक्ष की भूमिका निभाई थी। सदन की कार्यवाही किस तरह चलाई जाती है, यह सोमनाथ दादा से सीखना चाहिए।
उन्होंने डॉ सिंहदेव का जिक्र करते हुए कहा कि वे उनके लिए कोरिया अंकल थे। उनका राजनीतिक जीवन बेदाग रहा है। मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल, बसपा विधायक केशव चंद्रा ने भी दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस विधायक अरुण वोरा और अन्य सदस्यों ने भिलाई-दुर्ग और अन्य जगहों पर डेंगू से मृत लोगों को श्रद्धांजलि देने की मांग की। चारों नेताओं के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
सुरेंद्र सुधीर
वार्ता
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