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राज्य


एक महीने में सवा 12 लाख आवेदन संदेह का विषय - धनोपिया

भोपाल, 12 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के प्रवक्ता एवं चुनाव कार्य प्रभारी जे पी धनोपिया ने चुनाव आयोग को एक महीने के अंदर सवा बारह लाख से अधिक नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के प्रस्ताव प्राप्त होने को आश्चर्यजनक और संदेहास्पद बताते हुए इसकी जांच की मांग की है।
श्री धनोपिया आज प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बी एल कांताराव को पत्र सौंपकर कहा है कि इसके पूर्व विगत 31 जुलाई को साढ़े 10 लाख से अधिक नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दबाव में अनेक शासकीय बीएलओ द्वारा गलत जानकारियां उपलब्ध कराकर बड़े पैमाने पर एक बार फिर मतदाता सूची में हेरफेर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आग्रह किया है कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष औचित्य और वस्तुस्थिति स्पष्ट किए बिना और गहन जांच के बगैर एक महीने के अंदर प्राप्त ये नए नाम मतदाता सूची में न जोड़े जाएं।
श्री धनोपिया ने लिखा है कि वोटर लिस्ट के प्रारूप पर 23 लाख दावे आपत्तियां भी मुख्य चुनाव कार्यालय को प्राप्त हुई हैं, जिनका निराकरण 27 सितम्बर के पूर्व किया जाएगा। इसके साथ-साथ जो नए नाम जोड़ने के लिए आए हैं, उनकी भी जांच की जाए।
श्री धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से यह भी आग्रह किया है कि राजधानी भोपाल में अल्पसंख्यक वर्ग का विश्व स्तरीय धार्मिक सम्मेलन इज्तिमा 23 से 26 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसलिए इस अवधि में विधानसभा चुनाव के मतदान की तिथि नियत न की जाए, क्योंकि इससे लाखों की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के मताधिकार से वंचित रहने की संभावना बनी रहेगी।
सुधीर
वार्ता
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