Monday, Sep 24 2018 | Time 11:54 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेत्री ने छोड़ी पार्टी, कांग्रेस में होंगी शामिल
  • अस्पताल में साथी महिला डाक्टर से दुष्कर्म करने वाला रेजिडेंट डाक्टर निलंबित, गिरफ्तार
  • मोदी ने किया सिक्किम के पहले हवाई अड्डे का उद्घाटन
  • रणवीर के साथ काम करना बेहतरीन अनुभव: कृति खरबंदा
  • अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभायेंगे अक्षय कुमार
  • अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभायेंगे अक्षय कुमार
  • डोडा में भूस्खलन से पांच की मौत
  • दो दिन की वर्षा से गुजरात में मानसून के औसत में ढाई प्रतिशत का इजाफा
  • पाकिस्तान के दो मुख्य दल हो रहे हैं एकजुट
  • मूसलाधार बारिश से सहारनपुर में धान की फसल को भारी नुकसान
  • गंदेरबल में पुलिस की नाका टीम पर हमला
  • इम्फाल में विस्फोट, तीन घायल
  • अमेरिका और चीन के बीच तेज हुयी व्यापारिक जंग
  • क्यूबा के नए राष्ट्रपति अमेरिकी प्रतिबंध का करेंगे विरोध
  • मैक्रों की लोकप्रियता में आैर गिरावट : सर्वे
राज्य Share

बिहार में जेम के जरिये 46.7 करोड़ की खरीद : सुशील

बिहार में जेम के जरिये 46.7 करोड़ की खरीद : सुशील

पटना 10 सितंबर (वार्ता) बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज बताया कि राज्य के अलग-अलग विभागों की ओर से गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के जरिये अबतक 46.7 करोड़ रुपये की खरीद की गई है तथा करीब 50 करोड़ रुपये की खरीददारी प्रक्रियाधीन है।

श्री मोदी ने यहां ‘नेशनल मिशन आॅन जेम’ का औपचारिक शुभारंभ करते हुए कहा कि सचिवालय और उससे जुड़े विभागों में खरीद के लिए जेम की शुरूआत इस वर्ष अप्रैल में की गई थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल बिहार में जेम पोर्टल पर 1239 विक्रेता निबंधित हैं तथा विभिन्न विभागों की ओर से अब तक 46.7 करोड़ रुपये की खरीद की गई है और करीब 50 करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रियाधीन है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलाव को स्वीकार करने की जरूरत है। यह जमाना आॅनलाइन का है। वर्ष 2017 में मेट्रो शहरों में जहां 3.60 करोड़ लोगों ने खरीददारी के लिए ई-काॅमर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया वहीं टीयर टू शहरों में

आॅनलाइन खरीद करने वालों की संख्या 3.70 करोड़ रही। उन्होंने बताया कि शहरों में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 29 करोड़ है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 18 करोड़ है। वहीं, शहरी इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में नौ प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में ग्रामीण उपभोक्ता की वृद्धि दर 13 प्रतिशत है।

सूरज रमेश

जारी (वार्ता)

image