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तेजस्वी ने जातीय जनगणना को लेकर सभी राजनीतिक दल के प्रमुख को लिखा पत्र

तेजस्वी ने जातीय जनगणना को लेकर सभी राजनीतिक दल के प्रमुख को लिखा पत्र

पटना 25 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के पुत्र एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने जातीय जनगणना कराने से केंद्र सरकार के इनकार के बाद देश के सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख को पत्र लिखकर जातिगत जनगणना कराने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने की मांग की है।

श्री यादव केंद्र के इस ताजा निर्णय के बाद अब इस मुद्दे को देश के सभी राज्यों में ले जाने की कोशिश में जुटे हैं। इसी को लेकर शनिवार को उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को छोड़कर देश के सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख को पत्र लिखकर समर्थन जुटाने की कवायद में लग गए हैं। वहीं, इस मुद्दे पर उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी तीन दिन में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

प्रतिपक्ष के नेता ने इस पत्र में मांग की है कि जातिगत जनगणना को लेकर खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने लिखा है कि पहले ही कोरोना महामारी के कारण जनगणना में देरी हो चुकी है, ऐसे में अब जनगणना शुरू नहीं हुई तो इसमें जातिगत गणना को भी जोड़ा जाना चाहिए।

श्री यादव ने जिन नेताओं को पत्र लिखा है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान, विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ ही 33 अन्य नेता शामिल हैं।

नेता प्रतिपक्ष जातीय जनगणना की मांग को लेकर शुरू से ही मुखर रहे हैं। जातीय जनगणना के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नहीं चाहती तो विधानसभा और विधान परिषद से यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो जाता। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि बिहार और केंद्र में भाजपा अलग-अलग है क्या। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान जाति जनगणना पर केंद्र के दिए गए हलफनामे पर आना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री कुमार को एक बार तो बताना चाहिए कि इस मुद्दे पर अगली रणनीति क्या होनी चाहिए।

उपाध्याय सूरज

वार्ता

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