Thursday, Jun 20 2024 | Time 14:31 Hrs(IST)
image
भारत


जैविक कीटनाशकों का प्रयोग हो:मल्होत्रा

जैविक कीटनाशकों का प्रयोग हो:मल्होत्रा

नयी दिल्ली, 24 सितम्बर (वार्ता) कृषि आयुक्त एस के मल्होत्रा ने लोगों को सुरक्षित फल, सब्जी और खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए फसलों पर जैविक कीटनाशकों के प्रयोग पर जोर दिया है ।

डॉ मलहोत्रा ने आज भारतीय कृषि रसायन महासंघ के चौथे वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों को ग्रीन कीटनाशाकों का फसलों पर उपयोग करना चाहिए जो मानव स्वास्थ्य के लिए कम खतरनाक हैं। इसके साथ ही ये पशुओं और पर्यावरण के अनुकूल हैं।

उन्होंने कहा कि देश से बड़े पैमाने पर फलों और सब्जियों का निर्यात किया जाता है जिसके कारण भी इनमें कीटनाशकों का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश से बड़े पैमाने पर कीटनाशकों का निर्यात किया जाता है जिसके करण भी इसकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

डॉ मल्होत्रा ने कहा कि देश में खाद्यान्न और बागवानी फसलों का रिकार्ड उत्पादन हो रहा है और इसके गुणवत्तापूर्ण होने पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि रसायन उद्योग को समस्याओं के साथ उसका समाधान लेकर आना चाहिए जिससे मामलों को जल्दी सुलझाया जा सके। रसायन उद्योग का निबंधन तेजी से करने का प्रयास किया जा रहा है और इस सम्बन्ध में उद्योगों से जो जानकारी मांगी जाती है उसका जल्दी जवाब दिया जाना चाहिए।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अतिरिक्त महानिदेशक एस सी दुबे ने कहा कि खर पतवार, व्याधियों तथा कीटों के कारण 10 से 30 प्रतिशत तक फसलों का नुकसान होता है। यह क्षति फसलों के तैयार होने और उसके बाद भी होती है। इस क्षति को यदि रोक दिया जाये तो किसानों की आय आसानी से दोगुनी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि बिना रसायन फसल संरक्षण संभव नहीं है लेकिन कीटनाशकों के दुष्प्रभाव को कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि कीटनाशकों की हर वर्ष वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समीक्षा की जानी चाहिए।

महासंघ के अध्यक्ष एन के अग्रवाल ने कहा कि देश में कीटनाशकों का व्यापार सालाना 20 हजार करोड़ रुपये का है जबकि 40 हजार करोड़ रुपये के कीटनाशकों का निर्यात किया जाता है। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के प्रभाव को लेकर विदेशी गैर सरकारी संगठन समाज में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। किसानों में शिक्षा की कमी है, जिसके कारण वे कई बार बहकावे में आ जाते हैं।

अरुण.श्रवण

वार्ता

More News
भारत, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया ने त्रिपक्षीय सहयोग की दिशा में प्रगति की समीक्षा की

भारत, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया ने त्रिपक्षीय सहयोग की दिशा में प्रगति की समीक्षा की

20 Jun 2024 | 2:13 PM

नयी दिल्ली 20 जून (वार्ता) भारत, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा और संरक्षा, समुद्री और पर्यावरण सहयोग तथा बहुपक्षीय जुड़ाव के क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की है1

see more..
धनखड़ ने दी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं

धनखड़ ने दी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं

20 Jun 2024 | 11:38 AM

नयी दिल्ली 20 जून (वार्ता) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और उनकी दीर्घायु की कामना की।

see more..
नीट परीक्षा को भी रद्द करे सरकार- खडगे -वाड्रा

नीट परीक्षा को भी रद्द करे सरकार- खडगे -वाड्रा

20 Jun 2024 | 11:38 AM

नयी दिल्ली 19 जून (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूजीसी नेट परीक्षा रद्द होने को छात्रों के जज्बे की जीत बताया और कहा कि मोदी सरकार को जिम्मेदारी लेते हुए अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को भी रद्द करना चाहिए। श्री खडगे ने कहा "आप 'परीक्षा पर चर्चा' तो बहुत करते हैं, 'नीट परीक्षा पर चर्चा' कब करेंगे। यूजीसी-नेट परीक्षा को रद्द करना लाखों छात्र-छात्राओं के जज़्बे की जीत है। ये मोदी सरकार के अहंकार की हार है जिसके चलते उन्होंने हमारे युवाओं के भविष्य को रौंदने का कुत्सित प्रयास किया।

see more..
image