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परिवारवादी सत्ता में आते ही तमंचावादी हो जाते हैं : योगी

परिवारवादी सत्ता में आते ही तमंचावादी हो जाते हैं : योगी

गाजियाबाद, 5 मई (वार्ता) सपा, बसपा को अवसरवादी और अराजकतावादी बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि जब-जब परिवारवादी लोग सत्ता में आते हैं वो तमंचावादी हो जाते हैं।

रामलीला मैदान पर आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि 2017 से पहले गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी की हालत किसी से छिपी नहीं थी। बेटियां स्कूल जाने से डरती थीं, महिलाएं बाजार नहीं जा पाती थीं। व्यापारी वर्ग सिर झुका के इस डर के साथ व्यापार करता था कि कोई उनसे रंगदारी ना मांग ले। मगर आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बाबा दूधेश्वरनाथ की पावन धरा को नमन करते हुए जनता को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। उन्होंने गाजियाबाद की आठों नगर निकायों के लिए जनता से समर्थन मांगते हुए कहा कि पूरी दुनिया को करुणा, शांति और मैत्री का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध के पदचिह्नों पर आज भारत चल रहा है। बुद्ध के संदेशों को अंगीकार करते भारत आज दुनिया को नेतृत्व दे रहा है। दुनिया में आज कहीं भी संकट आता है तो लोग भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर संकटमोचक की निगाहों से देखते हैं। भारत दुनिया में आर्थिक महाशक्ति तो बन ही रहा है, साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर और गरीब कल्याण के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा रहा है। एक तरफ एक्सप्रसे वे, रेलवे, एयरपोर्ट, आईआईटी और एम्स जैसे संस्थान तेजी से बन रहे हैं। तो वहीं गरीब कल्याण में भारत का कोई सानी नहीं है। करोड़ों लोगों के योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिल रहा है।

उन्होने कहा कि पीएम के विजन को अक्षरश: अपना मिशन मानकर यूपी आगे बढ़ा हे। आप सबने यूपी को बीते 6 साल में बदलते हुए देखा है। पहले पर्व और त्यौहार पर कर्फ्यू लग जाता था। आज नो कर्फ्यू नो दंगा यूपी में है सब चंगा।

योगी ने कहा कि परिवारवादी जब सत्ता में आते हैं तो तमंचावादी हो जाते हैं। सामान्य नागरिक के जीवन के अधिकार को जबरदस्ती हड़प लेना चाहते हैं। युवाओं के हाथों में तमंचे थमाते हैं। हमने युवाओं को टैबलेट देने का कार्य किया है, जिसके जरिये युवा अपने टैलेंट को टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग से जोड़कर यूपी को नया यूपी बना रहे हैं। सपा, बसपा के शासन में अराजकता का माहौल था। ये अवसरवादी भी थे और अजारकवादी भी। कोई हज हाउस, तो कोई कब्रिस्तान पर पैसा खर्च करता था। हमने गाजियाबाद में मानसरोवर भवन बनाया है। गाजियाबाद में पूर्वांचल और उत्तराखंड भवन का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गाजियाबाद आने की इच्छा नहीं होती थी। यहां गंदगी चारो ओर फैली थी। कोई घर से निकला और सुरक्षित वापस लौटेगा इसकी गारंटी नहीं थी। आज गाजियाबाद ने देश के अंदर के स्वच्छ भारत मिशन में सबसे अच्छी स्थिति प्राप्त की है। आज गाजियाबाद गंदगी का ढेर नहीं स्मार्ट सिटी है। ये सेफ सिटी बनने की ओर अग्रसर है। यहां पुलिस रिफॉर्म के तहत पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को लागू किया गया है। यही नहीं गाजियाबाद म्युनिसिपल बोर्ड ने अपना बांड भी जारी किया है। किसी ने सोचा भी नहीं था कि दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ की दूरी कभी कम किया जा सकेगा। पहले गाजियाबाद से दिल्ली पहुंचने में दो घंटे लग जाते थे। आज मेरठ से गाजियाबाद 12 लेन का हाईवे शुरू हो चुका है। अगले महीने रैपिड रेल शुरू होते ही ये दूरी और कम हो जाएगी।

इस अवसर पर पूर्व थल सेनाध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद के सांसद जनरल (रि) वीके सिंह, प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण, सांसद डॉ रमापति राम त्रिपाठी, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, प्रदेश सरकार के मंत्री नरेन्द्र कश्यप, मेयर प्रत्याशी सुनीता दयाल, नगर पालिका और नगर पंचायत के प्रत्याशीगण और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रदीप

वार्ता

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