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कोरोना काल में एन एस एस स्वयंसेवकों का कार्य सराहनीय- डॉ कामिनी कुमार

रांची, 24 सितंबर (वार्ता)राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने कोरोना काल में सराहनीय योगदान दिया है एवं इनके द्वारा किये गए रचनात्मक कार्यों की चर्चा समाज में हो रहा है।
आर यू के आई एल एस में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के 53 वां स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राँची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने शुक्रवार को यह बातें कही ।उन्होंने कहा कि एन एस एस में कार्य करने वालें स्वयंसेवकों का व्यक्तित्व का विकास , सामाजिक संवेदना एवं आत्मविश्वास क्रमागत हो जाता है।उन्होंने स्वयंसेवकों से स्थापना दिवस के अवसर पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि आप पढ़ाई के साथ सामाजिक दायित्व का निर्वहन करें।
इस अवसर पर राँची विश्वविद्यालय के डी एस डब्ल्यू डॉ राजकुमार शर्मा ने कहा कि एन एस एस के स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आएं एवं अपने कार्य का प्रतिविम्ब दूसरों को दिखाएं।उन्होंने कहा कि आर यू के द्वारा एन एस एस के स्वयंसेवकों के लिए संचार कौशल के लिए कार्यशाला और सेमिनार का आयोजन करने का विचार हुआ है जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होगा।उन्होंने कहा कि युवाओं के अंदर काफी ऊर्जा और जोश है, आवश्यकता है इनको सामाजिक कार्यों में लगाने की।
एन एस एस के राँची विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि एन एस एस के स्थापना दिवस के अवसर पर आज पूरे देश के एन एस एस के उत्कृष्ट कार्य करने वाले 02 विश्वविद्यालय कार्यक्रम समन्वयकों, 10 कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं 30 स्वयंसेवकों को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा सम्मानित किया गया है।उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों एवं राज्य स्तरीय एन एस एस पुरस्कार बहुत शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
आज सुबह आठ बजे से आई एल एस परिसर में स्वच्छता ड्राइव आयोजित किया गया।53 वें स्थापना दिवस के अवसर पर कुल 53 पौधे लगाया गया ।पौधरोपण कार्यक्रम की शुरुआत राँची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने किया एवं पौधा रोपन कार्यक्रम में टीम ग्रीन का सहयोग प्राप्त हुआ।
आई एल एस परिसर में एन एस एस का झंडोत्तोलन कुलपति द्वारा किया गया।आज के समारोह को आई एल एस के निदेशक डॉ सतीश कुमार,अनुभव चक्रवर्ती, आनंद कुमार, डॉ हैप्पी भाटिया, दिवाकर आनंद, फलक फातिमा, संकेत कुमार ओझा, अंजली मिश्रा आदि ने संबोधित किया।
विनय
वार्ता
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