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निजी कम्पनियां कृषि अनुसंधान एवं विकास में निवेश करें :रमेश चंद

नयी दिल्ली 11 सितम्बर (वार्ता) नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने निजी क्षेत्र से कृषि अनुसंधान एवं विकास पर अधिक राशि निवेश करने की अपील करते हुये मगलवार को कहा कि इससे किसानों , उद्योगों और आमलोगों को फायदा होगा।
श्री चंद ने फिक्की और खाद्य क्षेत्र की कम्पनी कारगिल की ओर से खाद्य वस्तुओं पर आयोजित एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में कृषि अनुसंधान एवं विकास पर केवल 0.3 प्रतिशत राशि ही खर्च की जाती है जबकि चीन में यह राशि 0.4 प्रतिशत है। भारत के अलावा दूसरे देशों में निजी कम्पनियां कृषि अनुसंधान एवं विकास पर अधिक राशि खर्च करती है। यहां तक की चीन में भी निजी कम्पनियां अधिक खर्च करती हैं । निजी क्षेत्र देश में कृषि के क्षेत्र में काफी कम निवेश कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि देश में कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाना चाहिए जिससे लोगों को पता चले कि उन्हें क्या खाना और क्या नहीं खाना है । उन्होंने खानपान की वस्तुओं में कृत्रिम फोर्टीफिकेशन की जगह जैविक फोर्टीफिकेशन पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने खाद्यान्नों की कई ऐसी किस्में विकसित की है जिनमें अधिक मात्रा में विटामिन , प्रोटीन , आयरन और सूक्ष्म पोषक तत्व हैं ।
श्री चंद ने उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा में गेहूं की कुछ किस्मों में 11 प्रतिशत तक प्रोटीन पाया जाता है जबकि हिमाचल प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का बहुत कम उपयोग किया जाता है वहां की गेहूं में सात से आठ प्रतिशत ही प्रोटीन पाया जाता है।
अरुण/शेखर
जारी/ वार्ता
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