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राज्य » मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़


56 स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू-चिकनगुनिया की जाँच के इंतजाम

भोपाल, 27 अगस्त(वार्ता) मध्यप्रदेश में डेंगू और चिकनगुनिया की जाँच के लिये प्रदेश की 56 स्वास्थ्य संस्थाओं की लैब तैयार की गई हैं। इन संस्थाओं की लैब में जाँच-किट्स आदि उपलब्ध करा दिये गये हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य आयुक्त नितेश व्यास ने बताया कि जाँच के लिये 56 स्वास्थ्य संस्थाओं को डेंगू की सेंटीनल साईट के रूप में चिन्हित किया गया है। इनमें जांच किट उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू-चिकुनगुनिया से गंभीर स्थिति न बने इसके लिये मैदानी अमले को बचाव और नियंत्रण के कारगर उपाय करने के निर्देश दिये गये हैं।
जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डेंगू-चिकुनगुनिया के लक्षणों वाले मरीज पाये जाने पर उनके सीरम सेम्पल निकट की सेंटीनल साईट में जाँच को भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। सेंटीनल सर्वेलेन्स के द्वारा डेंगू-चिकुनगुनिया के प्रकरण पाये जाने पर तत्काल उस क्षेत्र में रेपिड रिस्पांस टीम द्वारा सर्वेलेन्स कर मरीजों का उपचार किया जायेगा।
ग्रामस्तर पर आशा को डेंगू-चिकुनगुनिया के लक्षणों की जानकारी के सम्बन्ध में प्रशिक्षण दिया गया है। ग्रामों में इस प्रकार के प्रकरण पाये जाने पर तत्काल उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को सूचना भेजने एवं कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं।
डेंगू-चिकुनगुनिया वाइरस का फैलाव एडीज मच्छर के द्वारा होता है और ये मच्छर घरों में पानी के कंटेनर में पैदा होते हैं। डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को यदि एडीज मच्छर काट ले तो मच्छर संक्रमित हो जाता है। एसिम्प्टोमेटिक व्यक्तियों द्वारा भी मच्छर संक्रमित होते रहते हैं। इसके लिए त्वरित रूप से मच्छरों की उत्पत्ति प्रभावी रूप से रोके जाने की व्यवस्था की गई है।
व्यास
वार्ता
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