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कर्जमाफी पर श्वेतपत्र लाएंगे - कमल पटेल

भोपाल, 25 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर चल रही राजनीति के बीच आज कहा कि वे किसानों की कर्जमाफी को लेकर श्वेतपत्र लाएंगे।
श्री पटेल ने यहां पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने किसानों के ऋणमाफी को लेकर जारी आरोप प्रत्यारोप के बीच कहा कि कांग्रेस ने दो लाख रुपयों के तक के किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार बनने के बाद उसने अनेक शर्तें लगा दीं। इन सभी मुद्दों को लेकर वे श्वेतपत्र ला रहे हैं।
श्री पटेल ने कहा कि घोषणा के अनुरूप 48 किसानों के 54 हजार करोड़ रुपयों के ऋण दस दिनों में माफ करना था, लेकिन पंद्रह माह के दौरान भी कांग्रेस सरकार ने यह नहीं किया। जो भी ऋण माफ किए गए हैं, वे कुछ ही किसानों के किए गए हैं। इसके अलावा सहकारी बैंकों और सहकारी साख संस्थाओं के माध्यम से किसानों के पैसों से ही किसानों के ऋण माफ कराए गए हैं। यह एक तरह की धोखाधड़ी है और इसकी भी जांच करायी जा रही है और फिर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की कर्जमाफी को लेकर यहां विधानसभा में हाल ही में आए उनके जवाब के संबंध में श्री पटेल स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए और कहा कि गलत जानकारी आयी है और मामला दिखवाया जा रहा है।
श्री पटेल का आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों के कारण सहकारी साख संस्थाएं और सहकारी बैंक बंद होने की कगार पर आ गए थे। मौजूदा शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इन्हें फिर से प्रारंभ करने के लिए लगभग 800 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने किसानों को प्रत्येक तरीके से छला है, जबकि भाजपा किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में संसद में पारित कराए गए किसान संबंधी विधेयक भी इसी का प्रमाण हैं।
विधानसभा में हाल ही में लिखित उत्तर में सरकार ने स्वीकार किया है कि राज्य में किसानों के कर्जमाफ हुए हैं। इसके बाद से कांग्रेस, भाजपा पर हमलावर नजर आ रही है।
प्रशांत
वार्ता
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