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राज्य » मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़


मनरेगा एवं अन्य कार्य में अनियमितता के मामले में सरपंच समेत 12 पर कार्रवाई प्रस्तावित

बड़वानी, 26 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा जनपद पंचायत में मृत व्यक्तियों द्वारा मनरेगा का काम करने तथा अन्य गंभीर अनियमितताओं की जांच में दोषी पाए गए 6 उप यंत्रियों, एक सहायक यंत्री, सरपंच और सचिवों के विरुद्ध आज कार्रवाई प्रस्तावित की गयी।
जनपद पंचायत सेंधवा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रीना चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायत बाखरली के ग्रामीणों द्वारा 15 सितंबर को मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत निर्मित शौचालय निर्माण में वर्ष 2015 से 2018 के बीच गम्भीर अनियमितताओं संबंधी 21 बिंदुओं पर की गई शिकायत की शासकीय दल द्वारा जांच कराई गयी थी।
उन्होंने बताया कि जांच में सरपंच नानसिंह, सचिव दीपेश पांडे ,प्रभारी सचिव गणेश कोली, सचिव विजय सैनी, ग्राम रोजगार सहायक मान सिंह राजपूत, उपयंत्री सुधीर चौहान, उपयंत्री भूपेंद्र पाटीदार, उपयंत्री राजकुमार चौहान, उपयंत्री अखिलेश जोशी, उपयंत्री विकास शितोले, उपयंत्री लल्लू माहिले तथा सहायक यंत्री केसी सेनवार दोषी पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि दोषियों के विरुद्ध शासन के नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के लिए आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज सिंह को जांच प्रतिवेदन भेजा गया है।
जांच प्रतिवेदन मे बताया गया है कि पूर्व से मृत मनरेगा श्रमिक रेम सिंह के कपिलधारा कूप कार्य पर उसके द्वारा 6 दिन तक मजदूरी कार्य करना पाया गया। साथ ही सीसी रोड निर्माण कार्य में बाखरली के सरपंच नानसिंह तथा उसके पारिवारिक सदस्यों द्वारा स्वयं मजदूरी कार्य करना पाया गया। ग्राम खारिया में हौज टंकी की निर्माण की राशि आहरित कर ली गई किंतु मौके पर टँकी नहीं पायी गयी।
स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 23 हितग्राहियों के डबल आईडी एवं दो के ट्रिपल आईडी बनाए जाकर राशि आहरित की गई है। साथ ही राशि आहरण किए जाने के बावजूद 4 शौचालय मौके पर नहीं पाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल 16 हितग्राही, जिनके नाम एसईसीसी सूची 2011 में अजजा वर्ग में दर्ज है, को वर्ष 2019 में आवास स्वीकृति तक लाभ दिए जाने से छोड़ा गया है। हितग्राही सुन सिंह की 2019-20 की प्रथम किश्त की राशि 25000 उसके खाते में जमा नहीं होकर अन्य खाते में जमा कर दी गयी।
सं बघेल
वार्ता
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