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कानून का विरोध करने वाले मुख्यमंत्री पहले अपने पदों से दें इस्तीफा : शिवराज सिंह

कानून का विरोध करने वाले मुख्यमंत्री पहले अपने पदों से दें इस्तीफा : शिवराज सिंह

चंडीगढ़ 25 दिसंबर (वार्ता)मध्यप्रदेश के पूर्व मुुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को संसद में पारित नागरिकता कानून का विरोध करने से पहले उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिये ।

उन्होंने कहा कि केंद्र की सूची वाले नागरिकता कानून के बारे क्या कोई संवैधानिक निर्वाचित मुख्यमंत्री को इसका विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है ,यदि वे इसका विरोध करना चाहते हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ।

श्री चौहान ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि संविधान संघ सरकार के अधिकार क्षेत्र में नागरिकता से संबंधित सभी मामलों को लाता है। इसलिए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, मध्यपदेश के कमलनाथ, राजस्थान के अशोक गहलोत को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिये । यदि वे संसद द्वारा पारित किए गए कानूनों के खिलाफ विरोध करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले इस्तीफा दे देना चाहिए। इस कानून को लेकर कांग्रेस और प्रतिपक्ष देश की एकता में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं ।

उन्होंने आज यहां सुशासन दिवस के रूप में मनायी जा रही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित संगोष्ठी के बाद पत्रकारों से कहा कि कानून में धार्मिक आधार पर प्रतिपादित समानता के अधिकार का कहीं भी उल्लंघन नहीं है । भारतीय जनता पार्टी धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती ।

इस अवसर पर उनके साथ भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर, महासचिव चंद्रशेखर और मीडिया प्रभारी रविंद्र पठानिया भी उपस्थित थे। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी सुनील ओझा, पूर्व सांसद सत्य पाल जैन, उपाध्यक्ष रघुवीर लाल अरोड़ा, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, महासचिव प्रेम कौशिक , सचिव रमेश कुमार और बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

श्री चौहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून किसी भी तरह से भारत में रहने वाले किसी भी नागरिक के खिलाफ नहीं है । आजादी के तुरंत बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रह गए हिन्दुओं और हिंदुस्तान के मुसलमानों का हिन्दुस्तान आने का हक है तथा सरकार को उनकी सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखना होगा। उसी आधार पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के बीच हुए समझौते के अनुसार दोनों देश अपने अपने देशों में रहने वाले अल्पसंख्यकों की रक्षा करेंगे, जिस पर हिंदुस्तान ने अपना वचन निभाया जबकि पाकिस्तान अपने यहाँ अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रहा है ।

उनके अनुसार धर्म के आधार पर लोग प्रताड़ित किये गए, धर्मांतरण किया गया, धार्मिक आधार पर प्रताड़ित भाई और बहन जो सुरक्षित नहीं है, वे भारत आये. उनको सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार देकर सरकार क्या गलत कर रही है |

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी को उनकी प्रताड़ना नहीं दिखती और जब यह बिल लोकसभा में आया तो श्रीमती गांधी ने संसद में मौजूद रहने के बावजूद इस पर क्यों कुछ नहीं बोला, क्यों चर्चा में हिस्सा नहीं लिया । अब जब यह बिल संसद के दोनों सदनों में पास होकर कानून बन गया है तो उसके बाद हो हल्ला किसलिये हो रहा है ।

पार्टी के उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला मैदान में नहीं कर सकता इसलिए लोगों में उनके खिलाफ भ्रम फैला रहा है तथा झूठी अफवाहों को हवा दे रहा है। सोनिया गांधी ने क्यों हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा नहीं की। नागरिकता संशोधन विधेयक नागरिकता देने का कानून है, नागरिकता लेने का नहीं । इस कानून से किसी का कोई भी नुकसान नहीं हो सकता, बल्कि ये कानून तो पड़ोसी देशों से आये धार्मिक प्रताड़ना के ग्रसित लोगों को मानवता के नाते नागरिकता प्रदान करने के लिए है। मानवता पर जब कभी किसी पर भी ऐसा संकट आया है तो भारत ने हमेशा बाहें फैला कर उसका स्वागत किया है।

श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। यह विपक्ष की गैरजिम्मेदाराना व्यवहार की पराकाष्ठा है| राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) भाजपा सरकार द्वारा नहीं बनाया गया था, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने 2010 में पारित किया था जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। चूंकि कांग्रेस और विपक्षी दलों के पास प्रधानमंत्री मोदी को लेने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस देश की जनता को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार और गलत सूचना का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पांच जनवरी तक देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में रैलियां करके लोगों को नागरिकता संशोधन एक्ट के बारे में सही जानकारी से अवगत कराएगी और इस बारे फैलाई जा रही अफवाहों का खुलासा करेगी|

शर्मा

वार्ता

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