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उत्तर प्रदेश-योगी श्रद्धांजलि सभा दो गोरखपुर

इस अवसर पर दिगम्बर अखाड़ा अयोध्या से पधारे महन्त सुरेश दास ने कहा कि पूज्य महन्त अवेद्यनाथ का जीवन हम सभी को सदैव प्रेरणा देता रहा है। वे और मेरे पूज्य गुरुदेव महन्त रामचन्द्र परमहंस अन्य संतो से मिलकर श्रीराम जन्म भूमि के आन्दोलन की अगुआई की। उनके आन्दोलन का ही परिणाम है कि पिछले पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर मन्दिर निर्माण के लिए शिलान्यास किया था।
अयोध्या से पधारे रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य ने कहा कि ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ से मिलने का शौभाग्य 2004 में मिला । उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में गोरक्षपीठ रामलला के भव्य मन्दिर के निर्माण के लिए सबको साथ लेकर सत्त प्रयास करता रहा। आज वर्तमान पीठाधीशवर महन्त योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामलला अपने भव्य
मन्दिर में विराजमान हो रहें हैं। यह इस पीठ के पूज्य महंतद्वय की पुण्यतिथि के पूर्व सम्पन्न भी हुआ है।
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक सुभाष ने कहा कि आध्यात्म के दो पक्ष हैं। आन्तरिक व वाह्य। आन्तरिक अध्यात्म संयम व साधना है और वाह्य अध्यात्म सेवा और श्रम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्यात्म
की परिभाषा को चरितार्थ करने वाले ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ ने जीवन भर इस पीठ के माध्यम से समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंच कर बिना किसी भेद-भाव के सबके कल्याण की बात की। यह पीठ निरन्तर शिक्षा व सेवा,
समरसता एवं सम्नवय की भावना को समाज व राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित करने प्रयास करता रहा है और आज भी उन्हीं लक्ष्यों व उद्देश्यों को लेकर सत्त प्रवाहमय है।
उदय त्यागी
जारी वार्ता
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20 Oct 2020 | 5:04 PM

इटावा, 20 अक्टूबर(वार्ता) उत्तर प्रदेश में इटावा के बीहडो में स्थापित लाॅयन सफारी में पर्यटको के शेरों को निहारने का सपना दीपावली में पूरा हो सकता है ।

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