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उत्तर भारत का कार्तिक पूर्णिमा गंगास्नान मेले विधिवत उद्घाटन

अमरोहा/हापुड़ 08 नवम्बर (वार्ता) उत्तर भारत के पौराणिक कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला आज शाम विधिवत उद्घाटन के बाद शुरु हो गया।
तिगरी गंगा मेले का प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान मेले की औपचारिक शुरुआत भव्य आरती आयोजन के साथ की गई। गंगा का मुख्य स्नान 12 नवम्बर को होगा।
मेले में तीन दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरु हो गया था। मेले में लगभग सभी सुविधाये पूर्ण कर ली गई है। पीने के स्वच्छ पानी की अच्छी व्यवस्था हैं। जिलाधिकारी की सख्त हिदायत स्नान के समय होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने 40 गोताखोर नियुक्त किए हैं।अलग-अलग घाटों पर बीस नाव रहेंगी। पुलिस भी मोटर वोट से पेट्रोलिंग करेगी।
पिछले आंकड़ों के अनुसार बीस लाख से अधिक श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा पर गंगास्नान करते हैं। करीब पंद्रह-बीस लाख श्रद्धालु तंबु लगाकर सप्ताह भर तक रहते हैं। इतनी बड़ी संख्या में स्नान के दौरान गंगा के जल में होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए भी पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्नान के लिए बनाए गए घाटों पर गहरे जल में खतरे की बल्लियां लगा दी गई हैं। पुलिसकर्मी मोटर वोट से पेट्रोलिंग करेंगे।
मेला स्थल पर तिगरी गंगा मेले में वन विभाग की दस सदस्यीय टीम तैनात रहेगी। वन दरोगा को टीम का प्रभारी बनाया गया है। टीम मेले में जंगली एवं हिंसक जानवरों व जलीय जीवों पर निगरानी रखेगी। टीम नाव, जाल और पिंजरा से लैस रहेगी।
कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहा तिगरी में गंगा किनारे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं। पड़ोसी जिलों से पुलिस फोर्स की मांग की गई है।मंडी धनौरा के पपसरी खादर और पपसरा बंगर में दो मगरमच्छ पकड़े जाने के बाद गंगा में छोड़े गए थे। मेले में वन विभाग की दस सदस्यीय टीम तैनात रहेगी। धनौरा के वन दरोगा मनोज कुमार इस टीम के प्रभारी बनाए गए हैं। धनौरा के रेंजर करन सिंह ने बताया कि टीम नाव, जाल, पिंजरा आदि जो उपकरण आदि सभी से लैस रहेगी।जिससे गंगा में श्रद्धालुओं के बीच मगरमच्छ दिखाई देने पर जाल डाल कर फौरन पकड़ा जा सके।
सं त्यागी
जारी वार्ता
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