Wednesday, Jul 17 2019 | Time 23:55 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • पाकिस्तान ने फिर फर्जीवाड़ा किया तो उस पर लग सकते हैं अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: साल्वे
  • हरियाणा में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश के आसार
  • पाकिस्तान ने अगर दोबारा फर्जीवाड़ा किया तो फिर से उसे अदालत में घसीटेंगे : साल्वे
  • एटीएस ने बरेली स्टेशन से गिरफ्तार किया 50 हजार का इनामी माओवादी
  • कौशाम्बी में हैंडपम्प का पाइप बिजली के तार छूने पर तीन की मृत्यु
  • झारखंड के प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाना सरकार का लक्ष्य : मंत्री
  • जाधव के परिजनों से जयशंकर ने की बातचीत
  • मोदी ने किया अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले का स्वागत
  • वज्रपात से झुलसकर किसान की मौत
  • भारतीय टीमें दोनों वर्गों के सुपर-8 में
  • भारतीय टीमें दोनों वर्गों के सुपर-8 में
  • झाविमो को बड़ा झटका, पोद्दार और योगेंद्र भाजपा में शामिल
  • रघुवर ने बैद्यनाथ और बासुकीनाथ धाम में श्रावणी मेले का किया शुभारंभ
  • जाधव की जल्द रिहाई के लिए जोर-शोर से काम जारी रहेगा: विदेश मंत्रालय
  • सोनभद्र की घटना में मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख देने के निर्देश
मनोरंजन » कला एवं रंगमंच


रूमानी गीतों से दीवाना बनाया था अंजान ने

रूमानी गीतों से दीवाना बनाया था अंजान ने

.. पुण्यतिथि 13 सितम्बर  ..
मुंबई 12 सितम्बर (वार्ता) लगभग तीन दशक से अपने रचित गीतों से हिन्दी फिल्म जगत को सराबोर करने वाले गीतकार अंजान के रूमानी नज्म आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेते है ।

अट्ठाइस अक्टूबर 1930 को बनारस मे जन्में अंजान को बचपन के दिनो से हीं उन्हे शेरो शायरी के प्रति गहरा लगाव था।
अपने इसी शौक को पूरा करने के लिये वह बनारस मे आयोजित सभी कवि सम्मेलन और मुशायरों के कार्यक्रम में हिस्सा लिया करते थे , हालांकि मुशायरों के कार्यक्रम में भी वह उर्दू का इस्तेमाल कम हीं किया करते थे ।
जहां हिन्दी फिल्मों में उर्दू का इस्तेमाल एक पैशन की तरह किया जाता था ।
वही अंजान अपने रचित गीतों मे हिन्दी पर ही ज्यादा जोर दिया करते थे ।
गीतकार के रूप मे उन्होने अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 1953 में अभिनेता प्रेमनाथ की फिल्म ..गोलकुंडा का कैदी ..से की ।
इस फिल्म के लिये सबसे पहले उन्होने ..लहर ये डोले कोयल बोले ..और शहीदों अमर है तुम्हारी कहानी गीत लिखा , लेकिन इस फिल्म के जरिये वह कुछ खास पहचान नही बना पाये।

अंजान ने अपना संघर्ष जारी रखा ।
इस बीच उन्हाेंने कई छोटे बजट फिल्में भी की जिनसे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हुआ ।
अचानक ही उनकी मुलाकात जी.एस.कोहली से हुयी जिनके संगीत निर्देशन मे उन्होंने फिल्म लंबे हाथ के लिये ..मत पूछ मेरा है मेरा कौन ..गीत लिखा ।
इस गीत के जरिये वह काफी हद तक पहचान बनाने मे सफल हुए।
लगभग दस वर्ष तक मायानगरी मुंबई मे संघर्ष करने के बाद वर्ष 1963 मे पंडित रविशंकर के संगीत से सजी प्रेमचंद के उपन्यास गोदान पर आधारित फिल्म ..गोदान.. मे उनके रचित गीत ..चली आज गोरी पिया की नगरिया .. की सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा ।

गीतकार अंजान को इसके बाद कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गये , जिनमें बहारे फिर भी आयेगी.बंधन.कब क्यों और कहां.उमंग.रिवाज.एक नारी एक बह्चारी. हंगामा.जैसी कई फिल्में शामिल है ।
साठ के दशक में अंजान ने संगीतकार श्याम सागर के संगीत निर्देशन में कई गैर फिल्मी गीत भी लिखे ।
अंजान द्वारा रचित इन गीतो को बाद में मोहम्मद रफी.मन्ना डे और सुमन कल्याणपुरी जैसे गायको ने अपना स्वर दिया , जिनमें मोहम्मद रफी द्वारा गाया गीत ..मै कब गाता ..काफी लोकप्रिय भी हुआ था ।
अंजान ने कई भोजपुरी फिल्मो के लिये भी गीत लिखे ।
सत्तर के दशक में बलम परदेसिया का..गोरकी पतरकी के मारे गुलेलवा ..गाना आज भी लोगो के जुबान पर चढ़ा हुआ है ।

अंजान के सिने कैरियर पर यदि नजर डाले तो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन पर फिल्माये उनके रचित गीत कापी लोकप्रिय हुआ करते थे ।
वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म दो अंजाने के.. लुक छिप लुक छिप जाओ ना ..गीत की कामयाबी के बाद अंजान ने अमिताभ बच्चन के लिये कई सफल गीत लिखे जिनमें ..बरसो पुराना ये याराना.खून पसीने की मिलेगी तो खायेंगे.रोते हुये आते है सब.ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना.खइके पान बनारस वाला जैसे कई सदाबहार गीत
शामिल है ।

अमिताभ बच्चन के अलावे मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मो के लिये भी अंजान ने सुपरहिट गीत लिखकर उनकी फिल्मों को सफल बनाया है ।
इन फिल्मों में डिस्को डांसर.डांस डांस.कसम पैदा करने वाले.करिश्मा कुदरत का.कमांडो .हम इंतजार करेंगे.दाता और दलाल आदि फिल्में शामिल है ।
जाने माने निर्माता-निर्देशक प्रकाश मेहरा की फिल्मों के लिये अंजान ने गीत लिखकर उनकी फिल्मो को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
उनकी सदाबहार गीतों के कारण ही प्रकाश मेहरा की ज्यादातार फिल्मे अपने गीत-संगीत के कारण ही आज भी याद की जाती है ।
अंजान के पसंदीदा संगीतकार के तौर पर कल्याण जी आनंद जी का नाम सबसे उपर आता है ।

अंजान ने अपने तीन दशक से भी ज्यादा लंबे सिने कैरियर में लगभग 200 फिल्मो के लिये गीत लिखे ।
लगभग तीन दशकों तक हिन्दी सिनेमा को अपने गीतों से संवारने वाले अंजान 67 वर्ष की आयु मे 13 सितम्बर 1997 को सबको अलविदा कह गये ।
अंजान के पुत्र समीर ने बतौर गीतकार फिल्म इंडस्ट्री ने अपनी खास पहचान बनायी है।


वार्ता

बॉलीवुड

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

पुण्यतिथि 18 जुलाई के अवसर पर ..
मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुये और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित
हुये जिन्हें दर्शको ने सुपर स्टार की उपाधि दी।

भंसाली

भंसाली की पीरियड फिल्म में काम करना चाहती है सारा अली खान

मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान , संजय लीला भंसाली की पीरियड फिल्म में काम करना चाहती है।

स्टारडम

स्टारडम लंबे समय तक कायम रखना चुनौती:सलमान

मुंबई 13 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान स्टारडम को लंबे समय तक कायम रखना चुनौती मानते हैं।

मेहनत

मेहनत और संघर्ष से मेगास्टार बने रवि किशन

मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) भोजपुरी सिनेमा के मेगास्टार रवि किशन आज 50 वर्ष के हो गये।

सुपर

सुपर 30 में काम करने का अनुभव शानदार : ऋतिक

पटना 16 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड के माचो मैन ऋतिक रोशन का कहना है कि फिल्म सुपर-30 में काम करने का अनुभव शानदार रहा और फिल्म की कहानी काफी प्रेरणादायक है, जो लोगों के दिल को छूएगी
ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर-30 हाल ही में प्रदर्शित हुयी है।

कबीर

कबीर सिंह ने 250 करोड़ की कमाई की

मुंबई 13 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड के चॉकलेटी हीरो शाहिद कपूर की फिल्म ‘कबीर सिंह’ ने बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है।

करीना

करीना से काफी प्रभावित हैं दिलजीत दोसांझ

मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) पंजाबी फिल्मों के सुपरस्टार गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ का कहना है कि वह करीना कपूर से काफी प्रभावित हैं।

कव्वाली

कव्वाली को संगीतबद्ध करने के महारथी थे रौशन

..जन्मदिन 14 जुलाई  ..
मुंबई 13 जुलाई(वार्ता) हिंदी फिल्मों में जब कभी कव्वाली का जिक्र होता है संगीतकार रौशन का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

कैरक्टर

कैरक्टर रोल्स के लिए तैयार हूं: संजय दत्त

मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड के माचो हीरो संजय दत्त का कहना है कि अब उनकी उम्र किसी हीरोइन के साथ पेड़ों के आस-पास नाचने-गाने की नहीं रही और वह अब कैरक्टर रोल्स के लिए तैयार हैं।

दर्शकों

दर्शकों को अपना दीवाना बनाया विमल राय ने

..जन्मदिवस 12 जुलाई ..
मुंबई 12 जुलाई (वार्ता) विमल राय को एक ऐसे फिल्मकार के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने पारिवारिक सामाजिक और साफ सुथरी फिल्में बनाकर लगभग तीन दशक तक सिने प्रेमियों के दिल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

..जन्मदिवस 29 अगस्त के अवसर पर ..
मुंबई 28 अगस्त(वार्ता)किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन को ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने पॉप संगीत की दुनिया को पूरी तरह बदलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है।

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

नयी दिल्ली 15 जनवरी (वार्ता) दिल्ली में भी फिल्म उद्योग स्थापित करने के मकसद से पहले डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह एवं विपणन 2019 की कल रात यहां देश-विदेश के फिल्मी जगत के लोगों की मौजूदगी में शुरूआत हुयी।

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

पुण्यतिथि 18 जुलाई के अवसर पर ..
मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुये और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित
हुये जिन्हें दर्शको ने सुपर स्टार की उपाधि दी।

image