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सीधी बुआई की पुरस्कार राशि बढ़ा कर चार हजार रूपये की जाए: फूलका

जालंधर,18 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी पंजाब के पूर्व नेता हरविंदर सिंह फूलका (वरिष्ठ अधिवक्ता) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि हरियाणा की तर्ज पर पंजाब के किसानों को धान की सीधी बुआई के लिए दी जाने वाली 1500 रुपये की पुरस्कार राशि को बढ़ा कर चार हजार रुपये किया जाए।
पंजाब विधानसभा के पूर्व नेता विपक्ष फूलका ने गुरुवार को भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा कि धान की सीधी बिजाई करने वाले किसान अपना खर्चा तो बचाते ही हैं साथ ही अपनी जमीन को बंजर होने से भी बचाते हैं। इसके साथ ही सरकार को भी प्रति एकड़ 4000-5000 रूपये का लाभ होता है। यह सरकारी लाभ बिजली सब्सिडी का लाभ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस लाभ को किसानों तक पहुंचाया जाए।
फूलका ने कहा कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में हर मोटर के बिजली कनेक्शन के बाद सरकार औसतन 53984 रुपए सालाना सब्सिडी देती है। अगर एक कनेक्शन के बाद औसतन सात एकड़ क्षेत्रफल मान लें तो यह बिजली सब्सिडी 7685 रुपये प्रति एकड़ सालाना है। इसमें किसान धान की फसल में ही 5000 प्रति एकड़ से अधिक की खपत कर लेता है। एक सीधी बुवाई करने वाला किसान पानी का 40 बचत करता है और कम से कम 1000 रुपये प्रति एकड़ की बिजली सब्सिडी के साथ सरकार को लाभान्वित करता है। इसलिए मेरा निवेदन है कि सरकार यह 4000 रुपये प्रति एकड़ उस किसान को इनाम के तौर पर दे।
गौरतलब यह भी है कि इस साल हरियाणा सरकार ने भी सीधी बुआई करने वाले किसानों को 4000 रुपये प्रति एकड़ की राशि देने की घोषणा की है।
फूलका ने कहा कि जिसके रफ्तार से पंजाब में भूमिगत जल स्तर गिर रहा है, तमाम जानकारों का कहना है कि करीब 20 साल में पंजाब की जमीन बंजर हो जाएगी। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि पारम्परिक ‘कद्द’ विधि से धान बोने की विधि को बदला जाए। पिछले साल जितने किसानों ने एएसआर पद्धति से सीधी बुआई की है। उन्होंने प्रति एकड़ धान की लगभग 10000 रुपये की बचत की है और एएसआर पद्धति से बासमती बोने वाले किसानों की तुलना में कद्दू विधि से बोए गए धान पर उनकी उपज भी अधिक आई है।
ठाकुर.श्रवण
वार्ता
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